अम्बिकापुर स्थित मैनपाट वन परिक्षेत्र के कंडराज क्षेत्र अंतर्गत बरडाढ़ गांव में हाथियों के दल की गतिविधियों के कारण ग्रामीण संपत्तियों एवं कृषि क्षेत्र को नुकसान पहुंचने का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग 14 हाथियों का दल देर रात्रि गांव में प्रवेश कर गया, जिसके परिणामस्वरूप आवासीय संरचनाओं तथा खाद्यान्न भंडारण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
स्थानीय प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार हाथियों द्वारा चार आवासीय मकानों को क्षतिग्रस्त किया गया। प्रभावित परिवारों के घरों में संग्रहित खाद्यान्न को भी नुकसान पहुंचा है। इसके अतिरिक्त गांव से लगे कृषि क्षेत्रों में मक्का एवं टमाटर की फसलों को व्यापक क्षति पहुंचने की सूचना प्राप्त हुई है। संबंधित घटना के बाद क्षेत्रीय स्तर पर सतर्कता बढ़ाई गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों का दल देर रात वन क्षेत्र से निकलकर आबादी वाले हिस्से तक पहुंच गया। घटना के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से कई परिवारों को घरों से बाहर निकलना पड़ा। स्थानीय निवासियों के अनुसार हाल के महीनों में हाथियों की गतिविधियों में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है, जिसके कारण ग्रामीणों को रात्रिकालीन निगरानी करनी पड़ रही है।
वन विभाग द्वारा घटना की जानकारी प्राप्त होने के पश्चात प्रभावित क्षेत्र में निगरानी दल भेजे गए हैं। विभागीय अधिकारियों ने नुकसान का प्राथमिक आकलन प्रारंभ कर दिया है। साथ ही ग्रामीणों को हाथियों के दल से सुरक्षित दूरी बनाए रखने तथा किसी भी असामान्य गतिविधि की तत्काल सूचना विभाग को देने के निर्देश जारी किए गए हैं।
विभागीय सूत्रों ने बताया कि हाथियों की आवाजाही वाले मार्गों पर निगरानी बढ़ाने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में वनकर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की जा रही है। ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्थानीय स्तर पर सतर्कता उपायों को सक्रिय किया गया है। प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पर भी विचार किया जा रहा है।
मैनपाट क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संपर्क की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए दीर्घकालिक प्रबंधन रणनीति और वन्यजीव निगरानी तंत्र को सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता पर भी बल दिया जा रहा है। संबंधित विभागों द्वारा स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।

