पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक तेल आपूर्ति पर मंडरा रहे संकट के बीच Hormuz Strait Security को लेकर क्वाड देशों ने बड़ा और अहम फैसला लिया है। भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने संयुक्त रूप से यह स्पष्ट किया है कि दुनिया के महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों पर किसी भी प्रकार की रुकावट स्वीकार नहीं की जाएगी।
क्वाड देशों ने विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि व्यापारिक जहाजों की आवाजाही हर हाल में जारी रहनी चाहिए।
समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर जोर
बैठक में कहा गया कि Hormuz Strait Security केवल तेल आपूर्ति तक सीमित मुद्दा नहीं है, बल्कि यह वैश्विक आर्थिक स्थिरता से भी जुड़ा हुआ है। दुनिया के बड़े हिस्से में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई इसी समुद्री मार्ग से होती है।
इसके अलावा क्वाड देशों ने कहा कि समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक निगरानी और रणनीतिक सहयोग बढ़ाया जाएगा। अगर किसी ने जहाजों की आवाजाही रोकने की कोशिश की, तो चारों देश मिलकर उसका विरोध करेंगे।
ऊर्जा सुरक्षा के लिए बनेगा मजबूत तंत्र
क्वाड देशों ने Hormuz Strait Security को मजबूत बनाने के लिए ऊर्जा आपूर्ति शृंखला को अधिक सुरक्षित और विविध बनाने पर सहमति जताई। सामरिक तेल भंडारों को बढ़ाने और आपातकालीन हालात से निपटने के लिए संयुक्त अभ्यास भी किए जाएंगे।
इसी बीच जापान ने ‘पावर एशिया’ कार्यक्रम के जरिए एशियाई देशों को ऊर्जा सहयोग देने की योजना साझा की। वहीं भारत ने दक्षिण एशिया के पड़ोसी देशों को ऊर्जा सुरक्षा में मदद जारी रखने की बात कही।
विकासशील देशों को भी मिलेगा सहयोग
बैठक में छोटे द्वीपीय और विकासशील देशों की ऊर्जा जरूरतों पर भी चर्चा हुई। ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए दो अरब डॉलर के निवेश कोष और फिजी को वित्तीय सहायता देने की घोषणा की।
विशेषज्ञों का मानना है कि Hormuz Strait Security को लेकर क्वाड देशों की यह एकजुटता हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक और रणनीतिक संतुलन को मजबूत कर सकती है।
क्वाड फ्यूल सिक्योरिटी फोरम का होगा गठन
ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री सहयोग को बेहतर बनाने के लिए जल्द ही ‘क्वाड फ्यूल सिक्योरिटी फोरम’ का गठन किया जाएगा। यह मंच नीति निर्माण, तकनीकी सहयोग और बाजार विश्लेषण पर काम करेगा।
बैठक में कहा गया कि Hormuz Strait Security को लेकर दीर्घकालिक रणनीति तैयार की जा रही है, ताकि भविष्य में वैश्विक बाजार में अस्थिरता को कम किया जा सके।
पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय से प्रभावित है। इससे तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई बाधित हुई है, जबकि समुद्री जहाजों के किराए और बीमा लागत में भारी वृद्धि देखी गई है।
हालांकि युद्धविराम की कोशिशें जारी हैं, लेकिन हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हो सके हैं। इसी वजह से Hormuz Strait Security को लेकर क्वाड देशों ने अधिक सक्रिय और संयुक्त भूमिका निभाने का निर्णय लिया है।

