Petrol Diesel Price Hike: महंगाई पर शिवसेना UBT का केंद्र सरकार पर हमला

CG DARSHAN
CG DARSHAN 3 Min Read
3 Min Read
Advertisement Carousel

देश में लगातार बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। Petrol Diesel Price Hike को लेकर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित संपादकीय में आरोप लगाया गया कि सरकार जनता के बढ़ते गुस्से और विरोध प्रदर्शनों से डरी हुई है।

संपादकीय में कहा गया कि बीते कुछ दिनों के भीतर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कई बार बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम लोगों की आर्थिक परेशानियां बढ़ गई हैं। वहीं महंगाई का असर खाद्य पदार्थों और अन्य जरूरी वस्तुओं पर भी साफ दिखाई दे रहा है।

आम आदमी पर बढ़ा आर्थिक दबाव

शिवसेना UBT ने कहा कि Petrol Diesel Price Hike का सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर पड़ रहा है। ईंधन महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ रही है, जिसका असर बाजार में रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।

इसके अलावा पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार जनता की परेशानियों को दूर करने के बजाय विरोध की आवाजों को दबाने में लगी हुई है।

‘महंगाई डायन’ गाने का भी किया जिक्र

सामना के संपादकीय में फिल्म पीपली लाइव के चर्चित गीत ‘महंगाई डायन खाए जात है’ का उल्लेख करते हुए कहा गया कि यह गीत आज भी आम आदमी की तकलीफों को बयां करता है। Petrol Diesel Price Hike और बढ़ती महंगाई के बीच इस गीत को जनता की नाराजगी का प्रतीक बताया गया।

हालांकि संपादकीय में दावा किया गया कि सोशल मीडिया से इस गाने को हटाने के पीछे सरकारी दबाव हो सकता है। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।

भाजपा के पुराने प्रदर्शनों की दिलाई याद

शिवसेना UBT ने अपने लेख में भाजपा नेताओं के पुराने महंगाई विरोधी आंदोलनों का भी उल्लेख किया। इसमें कहा गया कि पहले विपक्ष में रहते हुए भाजपा नेता ईंधन, गैस सिलेंडर और खाद्य पदार्थों की कीमतों को लेकर सड़कों पर उतरते थे।

इसी बीच पार्टी ने कहा कि अब Petrol Diesel Price Hike जैसे मुद्दों पर सरकार आलोचना से बचने की कोशिश कर रही है, जबकि आम जनता लगातार महंगाई की मार झेल रही है।

विपक्ष ने सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल

संपादकीय में यह भी आरोप लगाया गया कि सरकार राजनीतिक विरोधियों और आलोचकों के खिलाफ एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। वहीं विपक्षी दलों का कहना है कि महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि Petrol Diesel Price Hike आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है, क्योंकि इसका सीधा संबंध आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से है।

Share This Article
Leave a comment