मोदी युग के 12 वर्ष: कैसे बदला भारत, डिजिटल से लेकर रक्षा क्षेत्र तक दिखा बड़ा परिवर्तन

CG DARSHAN
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12 साल का कार्यकाल क्यों बना चर्चा का विषय?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 12 वर्षों तक देश का नेतृत्व करते हुए भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड की बराबरी की है। इस अवधि में कई ऐसी नीतियां लागू हुईं, जिन्होंने प्रशासन, अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन को प्रभावित किया। यही कारण है कि आज भारत का परिवर्तन राष्ट्रीय चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।

डिजिटल तकनीक ने बदली कामकाज की संस्कृति

डिजिटल इंडिया अभियान के तहत सरकारी सेवाओं से लेकर वित्तीय लेनदेन तक तकनीक का व्यापक उपयोग बढ़ा है। यूपीआई भुगतान प्रणाली ने छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ा। विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत का परिवर्तन डिजिटल क्रांति के बिना संभव नहीं था।

सामाजिक योजनाओं ने बदली करोड़ों लोगों की जिंदगी

प्रधानमंत्री जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत और पीएम आवास योजना जैसी पहल ने गरीब और वंचित वर्गों को सीधा लाभ पहुंचाया। बैंक खाते, स्वास्थ्य सुरक्षा और आवास सुविधाओं ने सामाजिक सशक्तिकरण को नई दिशा दी।

इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास बना आर्थिक वृद्धि का आधार

राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार, रेलवे नेटवर्क का आधुनिकीकरण और नए हवाई अड्डों का निर्माण पिछले वर्षों की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं। इन परियोजनाओं ने निवेश, व्यापार और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने में मदद की। इसे भी भारत का परिवर्तन का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम

मेक इन India और आत्मनिर्भर भारत अभियान के माध्यम से घरेलू उत्पादन और विनिर्माण को बढ़ावा दिया गया। मोबाइल निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ने से भारत वैश्विक उत्पादन केंद्र के रूप में उभर रहा है।

रक्षा क्षेत्र में बढ़ी रणनीतिक क्षमता

पिछले एक दशक में भारत ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। स्वदेशी हथियारों का निर्माण, रक्षा निर्यात में वृद्धि और आधुनिक सैन्य क्षमताओं का विकास राष्ट्रीय सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान कर रहा है। यह भी भारत का परिवर्तन की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।

अंतरिक्ष विज्ञान में नए कीर्तिमान

चंद्रयान-3 की सफलता और आदित्य-एल1 मिशन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की वैज्ञानिक क्षमता को स्थापित किया। अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ने से नवाचार और निवेश दोनों को प्रोत्साहन मिला है।

आर्थिक सुधारों से मजबूत हुई व्यवस्था

जीएसटी लागू होने के बाद देश की कर प्रणाली को एकीकृत करने का प्रयास किया गया। इसके साथ डिजिटल कर व्यवस्था और व्यापारिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ी। आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार भारत का परिवर्तन आर्थिक सुधारों के माध्यम से अधिक स्पष्ट दिखाई देता है।

वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका

कोविड-19 महामारी के दौरान दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान का संचालन और विभिन्न देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराना भारत की वैश्विक जिम्मेदारी को दर्शाता है। विदेश नीति के स्तर पर भी भारत की सक्रिय भूमिका लगातार मजबूत हुई है।

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