जयपुर में आयोजित CJP Protest Jaipur उस समय सुर्खियों में आ गया जब प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ कथित मारपीट की घटना सामने आई। प्रदर्शन का आयोजन शिक्षा व्यवस्था में सुधार, NEET पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर किया गया था। घटना के बाद मौके पर मौजूद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप किया।
प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ?
शहीद स्मारक पर आयोजित धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए थे। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने अभिजीत दीपके को थप्पड़ मार दिया। घटना के बाद कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया और पुलिस को स्थिति संभालनी पड़ी।
यह घटना CJP Protest Jaipur को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं का केंद्र बन गई है।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठी आवाज
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि यह आंदोलन केवल परीक्षा घोटालों तक सीमित नहीं है। उनका दावा है कि देशभर के छात्र और अभिभावक शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के कारण छात्रों का भरोसा प्रभावित हुआ है।
अभिजीत दीपके ने पार्टी के नाम का बताया कारण
जयपुर पहुंचने के बाद अभिजीत दीपके ने मीडिया से बातचीत में बताया कि “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम एक सामाजिक संदेश के तौर पर चुना गया था। उनके अनुसार, यह उन युवाओं की आवाज को मंच देने का प्रयास है जिन्हें व्यवस्था में नजरअंदाज किया जाता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा को व्यवसाय नहीं बल्कि अधिकार के रूप में देखा जाना चाहिए।
कई शहरों में हो चुके हैं प्रदर्शन
इससे पहले CJP समर्थक दिल्ली, पुणे, लखनऊ, बेंगलुरु, अमृतसर और हैदराबाद समेत कई शहरों में प्रदर्शन कर चुके हैं। CJP Protest Jaipur को इस अभियान का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में युवाओं ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
प्रशासन ने रखी थीं विशेष शर्तें
जयपुर पुलिस ने प्रदर्शन के लिए अनुमति देते समय अधिकतम 800 लोगों की उपस्थिति की शर्त रखी थी। साथ ही आयोजकों को कानून-व्यवस्था और यातायात प्रभावित नहीं होने देने के निर्देश दिए गए थे।
आगे क्या हो सकता है?
मारपीट की घटना के बाद CJP Protest Jaipur और अधिक चर्चा में आ गया है। आंदोलन से जुड़े नेता शिक्षा सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की बात कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इस विषय पर और विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं।

