Cough Syrup Controversy के बाद सिरप बिक्री पर सख्त नियम

CG DARSHAN
CG DARSHAN 4 Min Read
4 Min Read
Advertisement Carousel

देश में दवा सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। Cough Syrup Controversy के बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि अब कफ सिरप समेत सभी सिरप आधारित दवाएं बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं बेची जाएंगी। इस फैसले का उद्देश्य दवाओं के दुरुपयोग को रोकना और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

आखिर क्यों लिया गया यह फैसला?

पिछले वर्ष कुछ राज्यों में कफ सिरप के सेवन के बाद बच्चों की मौत और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के मामले सामने आए थे। जांच में कुछ सिरप में डायथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) की मात्रा निर्धारित मानकों से कहीं अधिक पाई गई थी। इन घटनाओं ने Cough Syrup Controversy को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया था।

बच्चों की मौतों ने बढ़ाई चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि इन मामलों ने दवा निर्माण और वितरण प्रणाली की निगरानी की आवश्यकता को उजागर किया। इसके बाद सरकार ने दवाओं की बिक्री प्रक्रिया को और अधिक नियंत्रित करने का निर्णय लिया।

नए नोटिफिकेशन में क्या बदला?

सरकार ने ‘ड्रग्स रूल्स, 1945’ में संशोधन करते हुए सिरप आधारित दवाओं को ‘शेड्यूल-के’ की छूट वाली सूची से हटा दिया है। इसका मतलब है कि अब इन दवाओं की बिक्री केवल वैध चिकित्सकीय प्रिस्क्रिप्शन पर ही संभव होगी।

OTC बिक्री पर लगी रोक

नए नियम लागू होने के बाद मेडिकल स्टोर पर बिना डॉक्टर की सलाह के सिरप खरीदना संभव नहीं होगा। Cough Syrup Controversy के बाद उठाया गया यह कदम दवा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

मरीजों और दवा विक्रेताओं पर क्या होगा असर?

अब मरीजों को सिरप आधारित दवा लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना होगा। वहीं, मेडिकल स्टोर संचालकों को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि दवाएं केवल वैध प्रिस्क्रिप्शन पर ही बेची जाएं।

नियमों का उल्लंघन पड़ सकता है भारी

सरकार ने संकेत दिया है कि बिना प्रिस्क्रिप्शन सिरप बेचने वाले विक्रेताओं पर कार्रवाई की जा सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि Cough Syrup Controversy के बाद यह कदम लोगों के स्वास्थ्य हित में लिया गया है।

दवा सुरक्षा मानकों को मिलेगी मजबूती

नई व्यवस्था से सिरप आधारित दवाओं के अनियंत्रित उपयोग पर रोक लगेगी। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि मरीज केवल चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही दवा का सेवन करें। Cough Syrup Controversy ने यह स्पष्ट कर दिया है कि दवा सुरक्षा से जुड़ी लापरवाहियों के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

सरकार ने विशेषज्ञों की सलाह के बाद लिया फैसला

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इस बदलाव को लागू करने से पहले ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) से परामर्श किया गया था। विशेषज्ञों की सिफारिशों और प्राप्त सुझावों की समीक्षा के बाद ही नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई।

Share This Article
Leave a comment