मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि भारत के राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और आस्था का प्रमुख केंद्र है। रायपुर रेलवे स्टेशन से विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर उन्होंने सांस्कृतिक यात्रा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने इसे छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण अवसर बताया।
संघर्ष और पुनर्निर्माण की प्रेरक गाथा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सोमनाथ मंदिर का इतिहास भारतीय आस्था की अटूट शक्ति का प्रतीक है। अनेक बार आक्रमणों का सामना करने के बावजूद मंदिर का पुनर्निर्माण होता रहा। यह करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट श्रद्धा और सांस्कृतिक चेतना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस मंदिर का इतिहास भारतीय सभ्यता की दृढ़ता और आत्मविश्वास का परिचायक है।
सांस्कृतिक एकता का संदेश लेकर निकली यात्रा
विशेष ट्रेन से निकली सोमनाथ मंदिर यात्रा में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा के दौरान शिवालयों की माटी और पवित्र नदियों का जल भगवान सोमनाथ को अर्पित किया जाएगा। इससे प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर जोड़ने का संदेश जाएगा।
गौरवशाली विरासत से जुड़ने का अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सोमनाथ मंदिर से जुड़ी यह यात्रा लोगों को भारत की गौरवशाली विरासत और सांस्कृतिक इतिहास से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है। सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. राजेंद्र प्रसाद के योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मंदिर का पुनर्निर्माण राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक था।
श्रद्धालुओं को मिला विशेष सम्मान
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सोमनाथ मंदिर यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया और सफल यात्रा की शुभकामनाएं दीं। संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने भी इसे राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने वाला आयोजन बताया। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

