मुंद्रा पोर्ट ड्रग्स केस में ईडी ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया

CG DARSHAN
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देश के सबसे चर्चित मादक पदार्थ तस्करी मामलों में शामिल मुंद्रा पोर्ट ड्रग्स केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी हरप्रीत सिंह तलवार को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी का दावा है कि ड्रग्स तस्करी से कमाई गई करोड़ों रुपये की रकम हवाला नेटवर्क के जरिए विदेश भेजी गई और इसका इस्तेमाल संदिग्ध गतिविधियों में किया गया।

ईडी ने दिल्ली में कई ठिकानों पर की छापेमारी

ईडी ने 24 और 25 जून को दिल्ली स्थित छह परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान हरप्रीत सिंह तलवार को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार कर विशेष अदालत में पेश किया गया। एजेंसी ने उसके कर्मचारियों और व्यावसायिक सहयोगियों से भी पूछताछ की।

3000 किलो हेरोइन जब्ती से जुड़ा है मामला

मुंद्रा पोर्ट ड्रग्स केस की शुरुआत सितंबर 2021 में हुई थी, जब गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर लगभग 3000 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई थी। जांच में आरोप है कि अर्ध-संसाधित टैल्क के आयात की आड़ में नशीले पदार्थों की तस्करी की जा रही थी।

अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़े होने का आरोप

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की चार्जशीट के अनुसार, आरोपी अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े लोगों के संपर्क में थे। जांच में यह भी आरोप लगाया गया है कि विदेशी तस्करी नेटवर्क और हवाला चैनलों के माध्यम से अवैध धन का लेन-देन किया गया। एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की वित्तीय गतिविधियों की भी जांच कर रही हैं।

हवाला नेटवर्क और करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग

ईडी की जांच में सामने आया है कि ड्रग्स कारोबार से प्राप्त लगभग 74 करोड़ रुपये हवाला के जरिए विदेश भेजे गए। जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपी को तस्करी नेटवर्क से नकद भुगतान के अलावा विदेशी सामान भी उपलब्ध कराया जाता था। इसी आधार पर मुंद्रा पोर्ट ड्रग्स केस में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच को और आगे बढ़ाया जा रहा है।

नाइट क्लबों में निवेश की भी जांच

जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी ने अपने सहयोगियों के माध्यम से कई कंपनियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में निवेश किया। दिल्ली के कुछ नाइट क्लबों और हॉस्पिटैलिटी कारोबार में भी धन लगाए जाने के दस्तावेज मिलने का दावा किया गया है। तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं।

आगे क्या होगी जांच?

ईडी और एनआईए अब इस पूरे वित्तीय नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हैं। एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि अवैध धन किन-किन माध्यमों से देश और विदेश में स्थानांतरित किया गया। मुंद्रा पोर्ट ड्रग्स केस में आगे और गिरफ्तारियां तथा संपत्तियों पर कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है।

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