मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रामगढ़ महोत्सव के समापन समारोह में कहा कि प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि रामगढ़ की पहचान केवल धार्मिक महत्व तक सीमित नहीं बल्कि यह भारतीय संस्कृति, साहित्य और पुरातत्व की समृद्ध विरासत का प्रतीक है। राज्य सरकार इन धरोहरों को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
विकास योजनाओं की दी विस्तृत जानकारी
अपने संबोधन में विष्णु देव साय ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में सरगुजा जिले में 2,387 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाखों परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए हैं, जबकि किसानों को धान का बेहतर समर्थन मूल्य और बोनस उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
महिलाओं, किसानों और युवाओं के लिए कई पहल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महतारी वंदन योजना, रामलला दर्शन योजना, तीर्थयात्रा योजना और युवाओं के लिए चल रही भर्ती प्रक्रियाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार निरंतर काम कर रही है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से आम लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
पहाड़ी कोरवा बच्चों को शिक्षा से जोड़ा
कार्यक्रम के दौरान विष्णु देव साय ने विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय के छह बच्चों का शाला प्रवेश कराया। उन्होंने बच्चों को स्कूल बैग, अध्ययन सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुएं प्रदान कर शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा ही समाज और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है।
विकास और संस्कृति के संतुलन का संदेश
समापन समारोह में विष्णु देव साय ने कहा कि विकास और सांस्कृतिक विरासत दोनों का संतुलित संरक्षण आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि रामगढ़ महोत्सव आने वाले वर्षों में प्रदेश की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगा। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और हजारों नागरिक शामिल हुए।

