देश में ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए केंद्र सरकार ने VB G-RAM-G कानून लागू किया है। इसके साथ ही वर्षों से लागू मनरेगा की जगह अब नया ढांचा लागू हो गया है। सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण रोजगार, आधारभूत विकास और पारदर्शिता को एक साथ मजबूत किया जाएगा। नए कानून का लक्ष्य वर्ष 2047 तक विकसित भारत के विजन के अनुरूप गांवों का समग्र विकास करना है।
क्या है VB G-RAM-G कानून?
VB G-RAM-G कानून (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन) के तहत ग्रामीण परिवारों के पात्र सदस्यों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी। यह योजना केवल मजदूरी तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि जल संरक्षण, कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर, कौशल विकास और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण पर भी जोर देगी।
नए कानून में किन क्षेत्रों पर रहेगा फोकस?
सरकार ने चार प्रमुख प्राथमिकताएं तय की हैं—
- जल संरक्षण, सिंचाई और भूजल पुनर्भरण
- ग्रामीण सड़क, स्कूल, सार्वजनिक भवन और स्वच्छता ढांचा
- कृषि, मत्स्य पालन, भंडारण और कौशल विकास
- बाढ़ प्रबंधन, आश्रय स्थल, जंगल की आग और आपदा प्रबंधन
मनरेगा और VB G-RAM-G कानून में क्या अंतर है?
1. रोजगार अवधि
- मनरेगा में 100 दिन रोजगार की गारंटी थी।
- नए कानून में इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है।
2. विकास का दायरा
- मनरेगा मुख्य रूप से मजदूरी आधारित कार्यों तक सीमित था।
- VB G-RAM-G कानून जल, कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर और आपदा प्रबंधन जैसे व्यापक क्षेत्रों को शामिल करता है।
3. फंडिंग व्यवस्था
- मनरेगा मांग आधारित योजना थी।
- नए कानून में राज्यों के लिए तय बजट और केंद्र-राज्य साझेदारी मॉडल लागू किया गया है।
4. तकनीक का उपयोग
- GPS आधारित प्लानिंग
- बायोमेट्रिक सत्यापन
- मोबाइल रिपोर्टिंग
- AI आधारित निगरानी
- रियल-टाइम डैशबोर्ड और सोशल ऑडिट
ग्रामीण विकास की नई रणनीति
नए कानून के तहत ग्राम पंचायतें विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करेंगी, जिसे राष्ट्रीय स्तर की विकास योजनाओं और पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इससे गांवों में होने वाले कार्यों की निगरानी और पारदर्शिता पहले की तुलना में अधिक मजबूत होगी।
सरकार ने मनरेगा की जगह नया कानून क्यों लागू किया?
सरकार के अनुसार कई राज्यों में मनरेगा के तहत फर्जी कार्य, मशीनों के उपयोग, फर्जी भुगतान और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। इन्हीं कमियों को दूर करने के लिए VB G-RAM-G कानून में डिजिटल निगरानी, GPS ट्रैकिंग, सोशल ऑडिट और बायोमेट्रिक सत्यापन जैसे प्रावधान जोड़े गए हैं।
क्या होगा ग्रामीण क्षेत्रों पर असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ तो ग्रामीण रोजगार के साथ-साथ जल संरक्षण, कृषि उत्पादकता, आधारभूत ढांचे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है। हालांकि इसकी सफलता राज्यों द्वारा पारदर्शी कार्यान्वयन और संसाधनों के सही उपयोग पर निर्भर करेगी।

