झारखंड में भर्ती परीक्षा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों ने रांची में विधानसभा की ओर कूच किया। पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे। दूसरी ओर भाजपा ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर सरकार पर दबाव बढ़ाया। राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए।
भर्ती परीक्षा विवाद पर छात्रों की मुख्य मांगें
आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। उनका आरोप है कि कई परीक्षाओं में अनियमितताएं हुई हैं। इसलिए वे जांच और सुधार की मांग कर रहे हैं।
छात्रों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं।
- भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच।
- वर्ष 2019 के बाद हुई कुछ परीक्षाओं को रद्द करना।
- OMR शीट और रिस्पॉन्स शीट उपलब्ध कराना।
- श्रेणीवार कटऑफ सार्वजनिक करना।
- नियमित भर्ती कैलेंडर जारी करना।
- दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई।
सरकार और छात्रों के बीच क्यों नहीं बनी सहमति?
रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच छठे दौर की बातचीत हुई। सरकार ने दावा किया कि अधिकांश मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया गया है। हालांकि, छात्र संगठनों ने इस दावे को स्वीकार नहीं किया। उनका कहना है कि सबसे महत्वपूर्ण मांगों पर अब भी स्पष्ट फैसला नहीं हुआ। इसलिए आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया गया।
भर्ती परीक्षा विवाद में ED जांच से बढ़ी हलचल
झारखंड लोक सेवा आयोग से जुड़े कथित अनियमितता मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने ECIR दर्ज की है। इसके बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है। दूसरी ओर छात्र निष्पक्ष जांच की मांग दोहरा रहे हैं।
विधानसभा घेराव के लिए प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा
रांची में विधानसभा जाने वाले मार्गों पर रेजर फेंसिंग लगाई गई। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। विधानसभा परिसर के आसपास धारा 163 लागू की गई। कई स्कूलों को भी एहतियातन बंद रखा गया। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है।
मुख्य बातें
- छात्रों ने विधानसभा की ओर मार्च जारी रखा।
- कई स्थानों पर बैरिकेड पार किए गए।
- भाजपा ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया।
- सरकार और छात्रों की बातचीत बेनतीजा रही।
- ED ने कथित अनियमितता मामले में जांच शुरू की।
आगे की स्थिति पर सबकी नजर
भर्ती परीक्षा विवाद का समाधान फिलहाल नहीं निकल सका है। यदि सरकार और छात्र संगठनों के बीच नई सहमति नहीं बनती, तो आंदोलन और व्यापक हो सकता है। वहीं प्रशासन शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है। आने वाले दिनों में सरकार के निर्णय और जांच एजेंसियों की कार्रवाई महत्वपूर्ण साबित होगी।
एक नजर में
- रांची में विधानसभा घेराव को लेकर सुरक्षा कड़ी।
- छात्र भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
- CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग प्रमुख।
- सरकार ने अधिकांश मांगें मानने का दावा किया।
- भर्ती परीक्षा विवाद पर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हुईं।


