छत्तीसगढ़ के कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने बस्तर प्रवास के दौरान कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कुरूद का भ्रमण कर संस्थान में संचालित शैक्षणिक और शोध गतिविधियों का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में कृषि अनुसंधान केवल नई तकनीक विकसित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को टिकाऊ बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम भी है। मंत्री ने विद्यार्थियों से अनुसंधान आधारित सोच विकसित करने और कृषि क्षेत्र में नवाचार को अपनाने का आह्वान किया।
आधुनिक शिक्षण संसाधनों का किया निरीक्षण
भ्रमण के दौरान मंत्री ने कृषि अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित स्मार्ट क्लासरूम, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, डिजिटल लाइब्रेरी और कॉम्पिटिटिव फोरम का निरीक्षण किया। महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. नवनीत राणा ने उन्हें संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धियों और शोध परियोजनाओं की जानकारी दी। मंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक तकनीक का समन्वय ही भविष्य के कृषि विशेषज्ञ तैयार करेगा। उन्होंने संस्थान की सुविधाओं की सराहना करते हुए इसे प्रदेश के अग्रणी कृषि शिक्षण संस्थानों में शामिल बताया।
विद्यार्थियों से संवाद कर जाना शिक्षा का स्तर
मंत्री रामविचार नेताम ने कृषि अनुसंधान से जुड़े विषयों पर छात्र-छात्राओं से खुलकर चर्चा की। उन्होंने पढ़ाई, प्रयोगात्मक प्रशिक्षण और छात्रावास की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने बताया कि संस्थान में उन्हें आधुनिक संसाधनों के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। मंत्री ने युवाओं को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने, नई तकनीकों पर कार्य करने और खेती को अधिक उत्पादक एवं लाभकारी बनाने के लिए अनुसंधान आधारित समाधान विकसित करने की प्रेरणा दी।
कृषि मॉडल और नवाचारों ने बढ़ाया उत्साह
कृषि संग्रहालय के भ्रमण के दौरान मंत्री ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार कृषि मॉडल, वैज्ञानिक प्रदर्शनी और मशरूम प्रसंस्करण से जुड़े उत्पादों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि कृषि अनुसंधान का वास्तविक उद्देश्य किसानों की समस्याओं का व्यावहारिक समाधान विकसित करना है। छात्र-छात्राओं द्वारा किए जा रहे प्रयोग भविष्य में कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने महाविद्यालय में नवाचार की संस्कृति को और मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
एआई तकनीक से बदलेगी भविष्य की खेती
कार्यक्रम के दौरान कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने विद्यार्थियों के साथ कृषि अनुसंधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती भूमिका और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत कृषि पाठ्यक्रम में किए गए नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि डेटा आधारित खेती, स्मार्ट एनालिटिक्स और आधुनिक तकनीक भविष्य की कृषि व्यवस्था की पहचान बनेंगे। इस अवसर पर धमतरी कलेक्टर अविनाश मिश्रा, कुरूद एसडीएम, महाविद्यालय के प्राध्यापक, अधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। मंत्री ने विश्वास जताया कि अनुसंधान आधारित शिक्षा से छत्तीसगढ़ के कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयां मिलेंगी।

