Letter to PM Modi पर 117 हस्तियों की भारत-पाक संवाद अपील

CG DARSHAN
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Letter to PM Modi एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। भारत और पाकिस्तान के 117 प्रमुख नागरिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को संयुक्त पत्र भेजकर दोनों देशों के बीच संवाद बहाल करने की अपील की है। इस पहल का उद्देश्य दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करना और शांति की दिशा में नई शुरुआत करना बताया गया है।

महबूबा मुफ्ती ने क्या कहा?

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत ही स्थायी समाधान का रास्ता है। उन्होंने कहा कि यदि दोनों देश संवाद शुरू करते हैं तो जम्मू-कश्मीर समेत पूरे दक्षिण एशिया में शांति और आर्थिक विकास को नई गति मिल सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिरता आने से व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

Letter to PM Modi में किन प्रमुख मांगों का जिक्र?

इस Letter to PM Modi में कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं—

राजनयिक संबंध सामान्य करने की अपील

  • नई दिल्ली और इस्लामाबाद में उच्चायुक्तों की दोबारा नियुक्ति।
  • सामान्य वीजा सेवाएं फिर से शुरू करना।
  • सभी लंबित मुद्दों पर व्यापक द्विपक्षीय वार्ता शुरू करना।

व्यापार और संपर्क बढ़ाने की मांग

पत्र में दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को पुनर्जीवित करने पर जोर दिया गया है। साथ ही अटारी-वाघा सीमा, दिल्ली-लाहौर बस सेवा, श्रीनगर-मुजफ्फराबाद बस सेवा, समझौता एक्सप्रेस और थार एक्सप्रेस जैसी सेवाओं को दोबारा शुरू करने का सुझाव भी दिया गया है।

भाजपा ने क्यों जताई आपत्ति?

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने इस पत्र की आलोचना करते हुए कहा कि आतंकवाद के मौजूदा हालात में पाकिस्तान से बातचीत की मांग उचित नहीं है। उनका कहना है कि पाकिस्तान से जुड़े सभी फैसले केवल केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं और ऐसे सार्वजनिक आह्वान उचित संदेश नहीं देते।

117 हस्ताक्षरकर्ताओं में कौन-कौन शामिल?

Letter to PM Modi पर भारत और पाकिस्तान के कुल 117 लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। इनमें भारत से 61 और पाकिस्तान से 56 नागरिक शामिल हैं।

भारतीय पक्ष के प्रमुख नाम:

  • महबूबा मुफ्ती
  • फारूक अब्दुल्ला
  • मीरवाइज उमर फारूक
  • मनोज झा
  • हुमायूं कबीर

पाकिस्तान की ओर से:

  • खुर्शीद महमूद कसूरी
  • अशरफ जहांगीर काजी
  • इस्फान्यार भंडारा
  • परवेज हुदभोय

पत्र में विश्वास बहाली के लिए क्या सुझाव दिए गए?

हस्ताक्षरकर्ताओं ने दोनों देशों से तनाव कम करने और विश्वास बहाली के लिए कई कदम उठाने की अपील की है।

मुख्य सुझाव:

  • सीमित सैन्य तनाव कम करना।
  • धार्मिक यात्राओं को आसान बनाना।
  • करतारपुर साहिब कॉरिडोर और शारदा पीठ तक पहुंच को सुविधाजनक बनाना।
  • छात्रों, पत्रकारों, कलाकारों और व्यापारियों के बीच संपर्क बढ़ाना।
  • डिजिटल और मीडिया प्रतिबंधों में राहत देना।

इस पहल का उद्देश्य क्या है?

पत्र तैयार करने वाले लोगों का कहना है कि यह किसी राजनीतिक दल या विचारधारा का समर्थन नहीं बल्कि दोनों देशों के नागरिकों के बेहतर भविष्य की अपील है। उनका मानना है कि लगातार तनाव की स्थिति से सबसे अधिक नुकसान युवाओं, व्यापार, शिक्षा और क्षेत्रीय विकास को होता है।

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