Satluj Controversy: Ban पर लेखक का बड़ा सवाल

CG DARSHAN
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दिलजीत दोसांझ की फिल्म Satluj Controversy को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 से फिल्म हटाए जाने के बाद इसके लेखक निरेन भट्ट ने फैसले पर खुलकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि फिल्म को हटाने की बजाय संबंधित पक्षों के बीच संवाद होना चाहिए था। Satluj Controversy अब फिल्म, सेंसर प्रक्रिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर नई बहस छेड़ रही है।

लेखक ने संवाद की कमी पर जताई नाराजगी

फिल्म के लेखक निरेन भट्ट ने एक इंटरव्यू में कहा कि सबसे बड़ी समस्या यह है कि किसी ने स्पष्ट रूप से यह नहीं बताया कि फिल्म के किस हिस्से पर आपत्ति है। उनके मुताबिक, वर्षों तक केवल देरी होती रही, लेकिन फिल्म निर्माताओं को कभी स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। उन्होंने कहा कि अगर कोई आपत्ति थी, तो बातचीत के जरिए उसका समाधान निकाला जा सकता था।

‘द कश्मीर फाइल्स’ का दिया उदाहरण

Satluj Controversy पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए निरेन भट्ट ने सवाल उठाया कि यदि द कश्मीर फाइल्स और द केरल स्टोरी जैसी फिल्में रिलीज हो सकती हैं, तो उनकी फिल्म को अलग नजरिए से क्यों देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि केवल संभावित दुरुपयोग की आशंका के आधार पर किसी फिल्म पर रोक लगाना उचित नहीं कहा जा सकता।

सुरक्षा कारणों से हटाई गई फिल्म

सरकारी सूत्रों के हवाले से सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म को सुरक्षा कारणों से ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाया गया। बताया गया कि फिल्म नए नाम के साथ रिलीज की गई थी और बाद में संबंधित स्तर पर मामला सामने आने के बाद इसे हटाने का निर्देश दिया गया। इस फैसले के बाद Satluj Controversy और अधिक चर्चा में आ गई।

क्या है फिल्म की कहानी?

यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित है। उन्होंने पंजाब में कथित फर्जी अंतिम संस्कार मामलों की जांच को लेकर लंबा संघर्ष किया था। फिल्म में दिलजीत दोसांझ मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। उनके साथ अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान भी अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म की कहानी निरेन भट्ट, उत्सव मैत्रा और निर्देशक हनी त्रेहान ने मिलकर लिखी है।

निष्कर्ष

फिलहाल Satluj Controversy केवल एक फिल्म का विवाद नहीं रह गया है। यह सेंसर प्रक्रिया, ओटीटी प्लेटफॉर्म की नीतियों और रचनात्मक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले पर आगे क्या फैसला होता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

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