Kylian Mbappe News: नस्लीय विवाद पर मैक्रों का समर्थन

CG DARSHAN
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फ्रांस के स्टार फुटबॉलर किलियन एमबाप्पे एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह मैदान पर उनका प्रदर्शन नहीं, बल्कि उनके खिलाफ की गई नस्लीय टिप्पणी है। Kylian Mbappe News के तहत सामने आए इस विवाद में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने खुलकर एमबाप्पे का समर्थन किया है। वहीं, पराग्वे सरकार और फ्रेंच फुटबॉल फेडरेशन (FFF) ने भी विवादित बयान की निंदा करते हुए सख्त रुख अपनाया है।

मैक्रों ने एमबाप्पे के समर्थन में क्या कहा?

Kylian Mbappe News में सबसे बड़ी प्रतिक्रिया फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की रही। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि एमबाप्पे ने इस बार नस्लवाद के खिलाफ एक और गोल किया है। मैक्रों ने कहा कि जब अपमानजनक शब्द सामने आते हैं, तब गरिमा, सम्मान और भाईचारा जैसे मूल्य सबसे मजबूत जवाब बनते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय टीम के कप्तान के प्रति अपना पूरा समर्थन भी जताया।

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

विश्व कप मुकाबले के बाद एमबाप्पे ने पराग्वे की टीम की आक्रामक रणनीति की आलोचना की थी। इसके बाद पराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमारिला ने सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ नस्लीय और व्यक्तिगत टिप्पणियां कीं। उन्होंने एमबाप्पे के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसके जवाब में फ्रांसीसी कप्तान ने उन्हें अपने पद के योग्य नहीं बताया। इसके बाद Kylian Mbappe News दुनिया भर की सुर्खियों में छा गई।

पराग्वे सरकार और FFF ने क्या कहा?

विवाद बढ़ने पर पराग्वे सरकार ने स्पष्ट किया कि सीनेटर की टिप्पणियां उनकी निजी राय हैं और सरकार उनका समर्थन नहीं करती। सरकार ने कहा कि वह समानता, मानवाधिकार और नस्लवाद के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है।

दूसरी ओर, फ्रेंच फुटबॉल फेडरेशन (FFF) ने भी Kylian Mbappe News से जुड़े इस मामले को गंभीर बताते हुए संबंधित अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराने की घोषणा की। फेडरेशन ने एमबाप्पे और नस्लीय भेदभाव का सामना करने वाले सभी खिलाड़ियों के प्रति अपना समर्थन भी व्यक्त किया।

खेल जगत में फिर उठी नस्लवाद पर बहस

Kylian Mbappe News ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में नस्लवाद के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े खिलाड़ियों को नस्लीय टिप्पणियों का सामना करना पड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई और जागरूकता दोनों जरूरी हैं, ताकि खेल में समानता और सम्मान का माहौल बना रहे।

निष्कर्ष

किलियन एमबाप्पे के खिलाफ की गई नस्लीय टिप्पणी ने वैश्विक स्तर पर नई बहस छेड़ दी है। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों, पराग्वे सरकार और फ्रेंच फुटबॉल फेडरेशन की प्रतिक्रियाओं से स्पष्ट है कि नस्लवाद के खिलाफ अब अधिक कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।

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