छत्तीसगढ़ सरकार ने बैकलॉग भर्ती को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। एससी, एसटी और ओबीसी के आरक्षित रिक्त पद भरने के लिए सभी विभागों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने साफ किया है कि सभी रिक्तियां भरने तक यह अभियान जारी रहेगा।
बैकलॉग भर्ती के लिए विभागों को सख्त निर्देश
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी प्रशासनिक विभागों को आदेश जारी किया है। संभागायुक्त, कलेक्टर, विभागाध्यक्ष और जिला पंचायतों के अधिकारियों को भी निर्देश भेजे गए हैं। सभी रिक्त पद प्राथमिकता के आधार पर भरे जाएंगे। इसलिए भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया है।
मुख्य अपडेट
- सभी बैकलॉग पद प्राथमिकता से भरे जाएंगे।
- भर्ती अभियान लगातार जारी रहेगा।
- सभी विभागों को कार्रवाई के निर्देश मिले।
- पुराने आदेशों का पालन अनिवार्य रहेगा।
देरी पर विभागाध्यक्ष होंगे जिम्मेदार
सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में जवाबदेही तय कर दी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर विभागाध्यक्ष जिम्मेदार होंगे। इसका उल्लेख उनकी गोपनीय चरित्रावली (एसीआर) में भी किया जाएगा। साथ ही नियुक्ति प्राधिकारी की जिम्मेदारी भी तय होगी।
अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा
सरकार ने स्पष्ट किया कि इस अभियान से अतिरिक्त खर्च नहीं होगा। वित्त विभाग पहले ही इस व्यवस्था को मंजूरी दे चुका है। इसलिए विभाग तुरंत भर्ती प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
एक नजर में
- एससी, एसटी और ओबीसी के रिक्त पद भरेंगे।
- भर्ती पूरी होने तक अभियान जारी रहेगा।
- विभागाध्यक्षों की जवाबदेही तय होगी।
- वित्त विभाग की मंजूरी पहले से मौजूद है।
आरक्षित वर्गों को मिलेगा सीधा लाभ
इस अभियान से लंबे समय से खाली पड़े आरक्षित पद भरने की उम्मीद है। योग्य अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर मिलेगा। वहीं, सरकारी विभागों में रिक्तियां भी कम होंगी। इससे भर्ती प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी।
सरकार का यह फैसला आरक्षित वर्गों के लिए अहम माना जा रहा है। बैकलॉग भर्ती अभियान से नियुक्तियों में तेजी आएगी। साथ ही जवाबदेही तय होने से पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।

