रायपुर में आयोजित वार्षिकोत्सव समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि दीदी के गोठ कार्यक्रम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी पहल बनकर उभरा है। रेडियो के माध्यम से प्रसारित इस कार्यक्रम ने हजारों महिलाओं तक आत्मनिर्भरता, स्वरोजगार और नवाचार की प्रेरक कहानियां पहुंचाई हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को नए अवसरों की जानकारी मिल रही है और वे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘दीदी के गोठ’ कॉफी टेबल बुक, ‘बिहान वाणी’ त्रैमासिक पत्रिका तथा ‘मोर गांव मोर पानी’ पुस्तक का विमोचन किया। साथ ही अपनी सफलता की कहानी साझा करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में 12 एपिसोड पर आधारित प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही।
दीदी के गोठ कार्यक्रम से बढ़ा महिलाओं का आत्मविश्वास
मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं है, बल्कि महिलाओं को प्रेरित करना भी है। प्रत्येक माह दूसरे गुरुवार को प्रसारित होने वाले इस कार्यक्रम में एक सफल महिला अपनी संघर्ष यात्रा और उपलब्धियां साझा करती है। स्थानीय बोली में प्रस्तुत अनुभव महिलाओं तक सहजता से पहुंचते हैं।
दुर्ग जिले की विद्या निषाद ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि बिहान समूह से जुड़ने के बाद उन्हें प्रशिक्षण मिला। इसके बाद उन्होंने कपड़ों और फैंसी सामान का व्यवसाय शुरू किया। आज वह प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं। उनकी कहानी कई अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी है।
मुख्य अपडेट
- एक वर्ष में 12 एपिसोड सफलतापूर्वक प्रसारित।
- 25 जिलों की 38 महिलाओं ने साझा किए अनुभव।
- मुख्यमंत्री ने तीन महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन किया।
- स्व-सहायता समूहों की महिलाओं का सम्मान हुआ।
- प्रदर्शनी में आजीविका और नवाचार के मॉडल प्रदर्शित किए गए।
दीदी के गोठ कार्यक्रम के जरिए स्वरोजगार को मिल रही नई दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। बिहान समूहों से जुड़ी महिलाएं ड्रोन संचालन, कृषि, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और छोटे उद्योगों के माध्यम से बेहतर आय अर्जित कर रही हैं। इसके अलावा सरकार डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने पर भी काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं से महिलाओं को सीधा लाभ मिला है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और सामाजिक भागीदारी भी बढ़ी है। दीदी के गोठ कार्यक्रम ने इन सफल प्रयासों को समाज के सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
एक नजर में
- कार्यक्रम की शुरुआत 31 अगस्त 2025 से हुई।
- हर महीने दूसरे गुरुवार को होता है प्रसारण।
- लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और कृषि सखी जैसे विषय शामिल।
- साइबर सुरक्षा और वित्तीय जागरूकता पर भी एपिसोड प्रसारित।
- महिलाओं को स्थानीय भाषा में व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराई गई।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सहित अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने इस पहल को महिला सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बताया।
आने वाले समय में सरकार इस पहल का दायरा और बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इससे अधिक महिलाओं तक सफलता की कहानियां पहुंचेंगी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होंगे।

