छत्तीसगढ़ में शिक्षा और रोजगार के नए अवसर, बेटियों को मिली स्कॉलरशिप

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रायपुर में आयोजित स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप 2026 कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। उन्होंने प्रदेश की प्रतिभावान बेटियों को सम्मानित किया। साथ ही, शिक्षा, तकनीक और रोजगार को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं बताईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप मजबूत किया जा रहा है।

कार्यक्रम में बेमेतरा की प्रदेश टॉपर ओमनी वर्मा को एक लाख रुपये की स्कॉलरशिप मिली। उनके विद्यालय को भी एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया। मुख्यमंत्री ने बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने वाली पुस्तक ‘मेधा’ का विमोचन भी किया।

मुख्य बातें

  • प्रदेश की टॉपर बेटियों को सम्मानित किया गया।
  • ओमनी वर्मा को एक लाख रुपये की स्कॉलरशिप मिली।
  • 34 स्थानों पर नालंदा परिसर विकसित किए जा रहे हैं।
  • एआई मिशन के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
  • बारिश के बाद प्रदेश में रोजगार मेले आयोजित होंगे।

छत्तीसगढ़ शिक्षा के विस्तार पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्कूल से उच्च शिक्षा तक सुविधाओं का विस्तार हुआ है। आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे संस्थान प्रदेश में संचालित हैं। इसके अलावा, ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में भी शिक्षा सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।

बस्तर के जगरगुंडा और ओरछा जैसे क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी की दिशा में काम हो रहा है। इससे दूरस्थ इलाकों के विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं

राज्य में 34 नालंदा परिसर विकसित किए जा रहे हैं। यहां युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा।

नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में छत्तीसगढ़ के जनजातीय विद्यार्थियों को सुविधाएं दी जा रही हैं। इस वर्ष वहां रहकर तैयारी करने वाले 13 विद्यार्थियों ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा पास की है।

यह पहल छत्तीसगढ़ शिक्षा व्यवस्था में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

एआई मिशन से तकनीकी शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीक के लिए तैयार करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ एआई मिशन शुरू किया जा रहा है।

सरकार ने इस मिशन के लिए 500 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया है। इसके जरिए विद्यार्थियों और युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों से परिचित कराया जाएगा।

इससे छत्तीसगढ़ शिक्षा व्यवस्था में तकनीकी दक्षता और नवाचार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

बस्तर में शिक्षा के साथ विकास को गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में शांति के साथ विकास कार्यों को गति मिली है। प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर के 92 गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया गया। सरकार दूरस्थ क्षेत्रों में योजनाओं की पहुंच बढ़ाने पर भी काम कर रही है।

पर्यटन और उद्योग से रोजगार के नए रास्ते

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में पर्यटन रोजगार का बड़ा माध्यम बन सकता है। चित्रकोट और कुटुमसर जैसे स्थल पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। धुड़मारास गांव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने से पर्यटन की संभावनाएं बढ़ी हैं।

वहीं, नई औद्योगिक नीति 2024-30 के तहत निवेश आकर्षित करने के प्रयास जारी हैं। सरकार के अनुसार, अब तक करीब आठ लाख करोड़ रुपये के निवेश के एमओयू हुए हैं।

रोजगार मेलों से युवाओं को मिलेगा अवसर

बारिश के बाद प्रदेश में रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा। इनके जरिए युवाओं को विभिन्न उद्योगों में उपलब्ध नौकरियों से जोड़ा जाएगा।

स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान भी किया गया है। छत्तीसगढ़ शिक्षा के साथ रोजगार पर ध्यान देने से युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करने की कोशिश की जा रही है।

बेटियों की सफलता को बताया प्रदेश का गौरव

मुख्यमंत्री ने स्कॉलरशिप पाने वाली छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने विद्यार्थियों से लक्ष्य निर्धारित करके लगातार मेहनत करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के अवसर युवाओं के भविष्य को मजबूत आधार दे सकते हैं। सरकार शिक्षा, तकनीक और रोजगार के क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार करने के लिए प्रयासरत है।

कुल मिलाकर, कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शिक्षा के साथ कौशल, तकनीक और रोजगार को जोड़ने की व्यापक दिशा सामने आई। इसका उद्देश्य प्रदेश के विद्यार्थियों को बदलती अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार करना है।

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