यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म टॉक्सिक रिलीज से पहले लगातार चर्चा में है। सीबीएफसी मंजूरी मिलने के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ी है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने कन्नड़ संस्करण को A प्रमाणपत्र दिया है। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार फिल्म की प्रमाणित अवधि 194.12 मिनट है।
सेंसर प्रक्रिया के बाद क्या बदला
फिल्म को वयस्क दर्शकों के लिए प्रमाणित किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, फिल्म को बड़े कट के बिना प्रमाणन मिला है। हालांकि, प्रमाणन से जुड़े छोटे बदलावों को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट सामने आई हैं। इसलिए फिल्म की सेंसर प्रक्रिया सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
सीबीएफसी मंजूरी के बाद क्यों बढ़ी चर्चा
सीबीएफसी मंजूरी के बाद दर्शक फिल्म की सामग्री और प्रमाणपत्र को लेकर सवाल कर रहे हैं। फिल्म की कहानी हिंसा, अपराध, वफादारी और व्यक्तिगत मुक्ति के इर्द-गिर्द घूमती है। आधिकारिक सारांश के मुताबिक कहानी स्वतंत्रता के बाद के गोवा की पृष्ठभूमि में रखी गई है। इसमें एक गैंगस्टर की नैतिक दुविधाओं को प्रमुखता दी गई है।
फिल्म की लंबाई भी बनी चर्चा का कारण
फिल्म का रनटाइम करीब तीन घंटे 14 मिनट है। प्रमाणपत्र में अवधि 194 मिनट और 12 सेकंड दर्ज है। इतनी लंबी अवधि ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा है। मेकर्स ने कहानी को बड़े पैमाने पर प्रस्तुत करने की कोशिश की है।
फिल्म में यश के साथ नयनतारा, कियारा आडवाणी और हुमा कुरैशी हैं। तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगी। निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है। फिल्म का निर्माण यश और वेंकट के नारायण ने किया है।
सोशल मीडिया पर सेंसर नियमों को लेकर बहस
सीबीएफसी मंजूरी के बाद इंटरनेट पर सेंसर प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दिख रही हैं। कुछ दर्शक बिना बड़े कट के प्रमाणन को लेकर हैरान हैं। वहीं, कुछ लोग फिल्मों में हिंसा और अंतरंग दृश्यों के प्रमाणन की तुलना कर रहे हैं।
सोशल मीडिया की प्रतिक्रियाएं दर्शकों की राय बताती हैं। इन्हें आधिकारिक सेंसर बोर्ड का बयान नहीं माना जा सकता। फिल्म को लेकर चर्चा इसलिए भी बढ़ी है। इसका विषय और प्रस्तुति पहले से ही लोगों का ध्यान खींच रही है।
कहानी और किरदारों में दिखेगा अलग अंदाज
फिल्म की कहानी अपराध जगत और सत्ता के रिश्तों को सामने लाती है। इसमें रिश्तों, नैतिकता और बदले की भावना जैसे पहलू भी शामिल हैं। यश का किरदार एक गैंगस्टर की जटिल यात्रा से जुड़ा है। कहानी में हिंसा के साथ भावनात्मक संघर्ष भी महत्वपूर्ण बताया गया है।
फिल्म कन्नड़ और अंग्रेजी में बनाई गई है। इसके हिंदी, तेलुगु, तमिल और मलयालम संस्करण भी दर्शकों तक पहुंचेंगे। इससे फिल्म की पहुंच कई भाषाई बाजारों तक बढ़ेगी।
रिलीज से पहले बढ़ा फिल्म का उत्साह
फिल्म की रिलीज 26 अगस्त को निर्धारित है। प्रमाणन पूरा होने के बाद अब प्रचार अभियान और तेज हो गया है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक फिल्म की एडवांस बुकिंग भी शुरू हो चुकी है।
सीबीएफसी मंजूरी के बाद अब दर्शकों की नजर फिल्म के प्रदर्शन पर है। यश की वापसी और गीतू मोहनदास का निर्देशन इसे खास बनाता है। लंबा रनटाइम और वयस्क प्रमाणपत्र भी इसकी चर्चा बढ़ा रहे हैं।
फिल्म से जुड़ी जरूरी जानकारी
- फिल्म का शीर्षक टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स है।
- यश फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।
- गीतू मोहनदास ने फिल्म का निर्देशन किया है।
- कन्नड़ संस्करण को A प्रमाणपत्र मिला है।
- प्रमाणित अवधि 194 मिनट 12 सेकंड है।
- फिल्म 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
टॉक्सिक के कलाकार और कहानी
- यश मुख्य भूमिका में नजर आएंगे।
- नयनतारा, कियारा आडवाणी और हुमा कुरैशी अहम भूमिकाओं में हैं।
- तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत भी फिल्म का हिस्सा हैं।
- कहानी स्वतंत्रता के बाद के गोवा में आधारित है।
- फिल्म में अपराध, हिंसा और नैतिक संघर्ष प्रमुख तत्व हैं।
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