त्रिसा-गायत्री ने खत्म किया 15 साल का इंतजार

CG DARSHAN
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भारत की महिला युगल जोड़ी ने विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। त्रिसा गायत्री ने क्वार्टर फाइनल में चीन की चौथी वरीय जोड़ी को हराया। इस जीत के साथ भारतीय जोड़ी सेमीफाइनल में पहुंच गई है। साथ ही भारत का महिला युगल पदक भी पक्का हो गया है।

त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने जिया यी फान और झांग शु शियान को मात दी। भारतीय जोड़ी ने मुकाबला 16-21, 21-15, 21-13 से जीता। मुकाबला करीब 69 मिनट तक चला। यह जीत भारतीय महिला युगल के लिए बेहद खास है।

पहले गेम में पिछड़ने के बाद बदला खेल

मुकाबले की शुरुआत चीन की जोड़ी ने तेज अंदाज में की। भारतीय खिलाड़ियों को शुरुआती दौर में दबाव का सामना करना पड़ा। चीनी जोड़ी ने पहला गेम 21-16 से अपने नाम कर लिया।

इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी रणनीति में बदलाव किया। डिफेंस को मजबूत करने के साथ नेट पर आक्रामक खेल दिखाया। स्मैश और तेज रिटर्न के जरिए भारतीय जोड़ी ने लगातार अंक जुटाए।

दूसरे गेम में भारतीय खिलाड़ियों ने 21-15 से जीत दर्ज की। इससे मुकाबला 1-1 की बराबरी पर आ गया। निर्णायक गेम में भी भारतीय जोड़ी ने लय बनाए रखी।

निर्णायक गेम में चीन को नहीं दिया मौका

तीसरे गेम में भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से दबाव बनाए रखा। ब्रेक तक भारतीय जोड़ी 11-5 से आगे थी। इसके बाद भी उन्होंने आक्रामक रवैया जारी रखा।

चीनी खिलाड़ियों ने वापसी की कोशिश जरूर की। हालांकि, भारतीय जोड़ी ने उन्हें ज्यादा मौके नहीं दिए। अंत में तीसरा गेम 21-13 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

त्रिसा गायत्री की इस जीत का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है। इससे पहले दोनों खिलाड़ी इसी चीनी जोड़ी के खिलाफ तीनों मुकाबले हार चुकी थीं। इस बार भारतीय जोड़ी ने पुराना रिकॉर्ड बदल दिया।

सेमीफाइनल में हारने पर भी पदक पक्का

विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में सेमीफाइनल में पहुंचना पदक की गारंटी देता है। प्रतियोगिता में सेमीफाइनल हारने वाली दोनों जोड़ियों को कांस्य पदक मिलता है। तीसरे स्थान के लिए अलग मुकाबला नहीं कराया जाता।

इस नियम के कारण त्रिसा गायत्री की जोड़ी का कम से कम कांस्य पदक पक्का है। अब दोनों खिलाड़ियों की नजर फाइनल में जगह बनाने पर होगी। जीत मिलने पर भारत के पदक का रंग बदल सकता है।

15 साल बाद महिला युगल में भारत को पदक

भारतीय महिला युगल को विश्व चैंपियनशिप में पिछला पदक 2011 में मिला था। उस समय ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने कांस्य पदक जीता था।

अब त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने 15 साल का इंतजार खत्म किया है। उनकी उपलब्धि भारतीय महिला बैडमिंटन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

जापानी जोड़ी को भी दी थी शिकस्त

क्वार्टर फाइनल से पहले भारतीय जोड़ी ने जापान की सातवीं वरीय जोड़ी को हराया था। रिन इवानागा और की नाकानिशी के खिलाफ उन्हें सीधे गेम में जीत मिली थी।

भारतीय खिलाड़ियों ने यह मुकाबला 21-16, 21-12 से अपने नाम किया था। इस जीत ने क्वार्टर फाइनल में उनका आत्मविश्वास बढ़ाया।

भारतीय जोड़ी के अब तक के प्रदर्शन:

  • जापान की सातवीं वरीय जोड़ी को हराया।
  • चीन की चौथी वरीय जोड़ी को शिकस्त दी।
  • क्वार्टर फाइनल में तीन गेम खेले।
  • सेमीफाइनल में जगह बनाकर पदक पक्का किया।
  • अब फाइनल में पहुंचने की चुनौती सामने है।

चोट से वापसी के बाद शानदार प्रदर्शन

त्रिसा जॉली ने चोट के बाद प्रतियोगिताओं में वापसी की है। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों ने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है। विश्व चैंपियनशिप में उनकी मौजूदा लय इसका उदाहरण है।

दोनों खिलाड़ी 2022 और 2023 में ऑल इंग्लैंड ओपन के सेमीफाइनल तक पहुंच चुकी हैं। उन्होंने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक भी जीता था।

भारत के पदक अभियान को मिली मजबूती

महिला युगल में मिली सफलता से भारत का विश्व चैंपियनशिप अभियान मजबूत हुआ है। भारतीय बैडमिंटन ने पिछले वर्षों में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं।

अब त्रिसा गायत्री की नजर फाइनल में जगह बनाने पर है। सेमीफाइनल में उनके सामने मजबूत चुनौती होगी। हालांकि, क्वार्टर फाइनल की जीत से भारतीय जोड़ी का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है।

सात्विक-चिराग से भी पदक की उम्मीद

भारत के पास पुरुष युगल में भी पदक जीतने का मौका है। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुके हैं।

भारतीय जोड़ी ने प्री-क्वार्टर फाइनल में मलेशिया के जुनैदी अरिफ और रॉय किंग याप को हराया था। उन्होंने यह मुकाबला 21-23, 21-19, 21-17 से जीता। अब उनका सामना चीन की तीसरी वरीय जोड़ी से होना है।

चैंपियनशिप से जुड़ी अहम जानकारी:

  • महिला युगल में भारत का पदक पक्का।
  • सेमीफाइनल में पहुंची भारतीय जोड़ी।
  • क्वार्टर फाइनल में चीन को हराया।
  • 2011 के बाद महिला युगल में पदक मिला।
  • पुरुष युगल में भी भारत की चुनौती जारी है।

कुल मिलाकर, त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने भारतीय बैडमिंटन में नया अध्याय जोड़ा है। त्रिसा गायत्री की जोड़ी अब सेमीफाइनल में फाइनल का टिकट हासिल करने उतरेगी। भारतीय प्रशंसकों की नजर अब उनके अगले मुकाबले पर रहेगी।

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