जशपुर जिले के केरसई में रक्षाबंधन के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने यहां बहनों से संवाद किया। महिलाओं ने मुख्यमंत्री को राखी बांधकर अपना स्नेह और विश्वास जताया। इस दौरान महिला सशक्तिकरण को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं सामने रखी गईं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का सम्मान, सुरक्षा और खुशहाली परिवार की मजबूती से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि मजबूत परिवारों से ही विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा। कार्यक्रम में कई विकास कार्यों की घोषणा भी की गई।
केरसई में विकास कार्यों की नई घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की जरूरतों को देखते हुए कई परियोजनाओं की घोषणा की। घासीमुंडा में नया प्राथमिक शाला भवन बनाने की बात कही गई। केरसई तालाब के सौंदर्यीकरण की भी घोषणा हुई।
इसके अलावा केरसई में मिनी स्टेडियम बनाया जाएगा। बजरंग बली मंदिरों के जीर्णोद्धार की योजना भी सामने रखी गई। विभिन्न गांवों में सामुदायिक भवन और महतारी सदन बनाने की घोषणा हुई।
केरसई में करीब 84.69 लाख रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया गया।
केरसई के लिए प्रमुख विकास घोषणाएं
- घासीमुंडा में नया प्राथमिक शाला भवन बनेगा।
- केरसई तालाब का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा।
- केरसई में मिनी स्टेडियम बनाने की घोषणा हुई।
- कई स्थानों पर सामुदायिक भवन बनाए जाएंगे।
- ऊपरकछार में महतारी सदन बनाया जाएगा।
- मंदिरों के जीर्णोद्धार के कार्य भी होंगे।
महिला सशक्तिकरण को योजनाओं से मिल रहा आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर काम कर रही है। उनके अनुसार प्रदेश में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं विभिन्न आर्थिक गतिविधियों में भाग ले रही हैं। इससे परिवारों की आय बढ़ाने में मदद मिल रही है। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
महतारी वंदन योजना का भी कार्यक्रम में उल्लेख किया गया। मुख्यमंत्री के अनुसार करीब 68 लाख महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जा रही है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रमुख पहल
- महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
- स्व-सहायता समूहों को आजीविका से जोड़ा जा रहा है।
- लखपति दीदी बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
- ड्रोन तकनीक से महिलाओं को नए अवसर मिल रहे हैं।
- ई-रिक्शा से स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने का प्रयास है।
किसानों और गरीब परिवारों के लिए भी योजनाओं का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने धान खरीदी की दर 3,100 रुपये प्रति क्विंटल होने की बात कही।
गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना का भी उल्लेख हुआ। सरकार पात्र परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।
इसके अलावा श्री रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की जानकारी भी साझा की गई। इन योजनाओं के जरिए लोगों को धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिलता है।
गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। सड़क, पुल-पुलिया और स्कूल जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
सामुदायिक भवन और अन्य जरूरी अधोसंरचनाओं पर भी काम हो रहा है। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण आबादी को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
महिला सशक्तिकरण के साथ गांवों का विकास सरकार की प्राथमिकताओं में बताया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास को गति देने का दावा
मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई के बाद विकास कार्यों में तेजी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
बिजली, पानी, सड़क, राशन और दूरसंचार जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सरकार सुरक्षा और विकास दोनों मोर्चों पर काम करने की बात कह रही है।
उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के लिए सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की दी जानकारी
कार्यक्रम में ग्रामीणों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के बारे में जानकारी दी गई। इसके जरिए नागरिक अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने बिजली बिल राहत योजना का लाभ लेने की अपील की। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सौर पैनल लगाने को भी प्रोत्साहित किया।
सौर ऊर्जा से बिजली खर्च घटाने के साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की बात कही गई।
जशपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की तैयारी
मुख्यमंत्री ने जशपुर में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की जानकारी दी। जिले में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की योजना है।
मेडिकल कॉलेज के साथ एमसीएच इकाई और नर्सिंग सुविधाओं के विस्तार की बात कही गई। फिजियोथेरेपी और स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़ी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
इससे स्थानीय लोगों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिलने की उम्मीद है।
हितग्राहियों को मिली योजनाओं की सौगात
कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता दी गई। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत बालिका आयुषी को पासबुक प्रदान की गई।
स्वामित्व योजना के तहत कई हितग्राहियों को आवासीय पट्टे वितरित किए गए। सरस्वती स्व-सहायता समूह को एक लाख रुपये का चेक भी दिया गया।
मुख्यमंत्री ने समूह की महिलाओं से बातचीत की। उन्होंने आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया।
रक्षाबंधन पर बहनों से संवाद बना खास आकर्षण
केरसई में आयोजित कार्यक्रम में रक्षाबंधन का पारंपरिक भाव भी देखने को मिला। महिलाओं ने मुख्यमंत्री की कलाई पर राखी बांधी।
मुख्यमंत्री ने बहनों के स्नेह और विश्वास के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि सम्मान और सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की प्राथमिकता है।
वहीं विधायक गोमती साय ने मुख्यमंत्री को प्रदेश की बहनों का ‘विष्णु भैया’ बताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की पुरानी मांगों पर काम हो रहा है।
कुल मिलाकर, केरसई का कार्यक्रम विकास और जनसंवाद पर केंद्रित रहा। महिला सशक्तिकरण के साथ ग्रामीण विकास को भी प्रमुखता दी गई। सरकार ने योजनाओं और नई परियोजनाओं के जरिए क्षेत्र को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।


