सेवा संकल्प अभियान: नुक्कड़ नाटकों और डिजिटल माध्यमों से दिखेगी विकास की कहानी
छत्तीसगढ़ में सेवा संकल्प अभियान को लेकर विभागीय तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रदेश में यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को गतिविधियों को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
नया रायपुर स्थित आवास कार्यालय में समीक्षा बैठक हुई। इसमें पर्यटन और संस्कृति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। अभियान में जनभागीदारी बढ़ाने पर खास जोर दिया गया है। इसके लिए संस्कृति और पर्यटन से जुड़े कई कार्यक्रम होंगे।
नुक्कड़ नाटक बताएंगे योजनाओं से बदली जिंदगी
संस्कृति विभाग प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ नाटक कराएगा। विद्यालयों और महाविद्यालयों में भी प्रस्तुतियां होंगी। पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों को भी कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा।
इन नाटकों में सरकारी योजनाओं की जानकारी रोचक तरीके से दी जाएगी। योजनाओं से लाभ पाने वाले लोगों की कहानियां भी दिखाई जाएंगी। स्थानीय भाषा और लोककला को प्रस्तुतियों में जगह मिलेगी।
संगीत और प्रभावी संवादों के जरिए लोगों से सीधा जुड़ने का प्रयास होगा। इसका मकसद योजनाओं के संदेश को जनसंवाद बनाना है।
युवाओं की भागीदारी पर रहेगा विशेष ध्यान
विद्यालयों और कॉलेजों में होने वाले कार्यक्रम युवाओं को जोड़ेंगे। विद्यार्थियों को सामाजिक योजनाओं और विकास कार्यों से परिचित कराया जाएगा। सार्वजनिक प्रस्तुतियों से आम लोगों की भागीदारी भी बढ़ेगी।
सेवा संकल्प अभियान में स्थानीय कलाकारों को भी मंच मिलने की संभावना है। संस्कृति विभाग को कार्यक्रमों में रचनात्मकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
इन्फ्लूएंसर बताएंगे बदलते छत्तीसगढ़ की कहानी
पर्यटन विभाग डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल भी करेगा। देश और प्रदेश के इन्फ्लूएंसरों को अभियान से जोड़ा जाएगा। वे प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों की जानकारी साझा करेंगे।
इसके अलावा विकसित पर्यटन सुविधाओं और अधोसंरचना को भी दिखाया जाएगा। विकास कार्यों की तस्वीर डिजिटल माध्यमों से लोगों तक पहुंचाई जाएगी।
इस पहल से छत्तीसगढ़ के पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा मिलेगा। सोशल मीडिया से जुड़े युवाओं तक भी संदेश आसानी से पहुंचेगा।
अभियान में शामिल होंगी कई गतिविधियां
सेवा संकल्प अभियान के दौरान अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें सेवा, विकास और जनभागीदारी से जुड़ी गतिविधियां शामिल हैं।
- ‘आशीर्वाद का दीया’ और ‘नमो सेवा गाथा’ का आयोजन होगा।
- ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ कार्यक्रम होगा।
- ‘आंगन का उत्सव’ और ‘कहानी बदलाव की’ गतिविधियां होंगी।
- ‘सेवा ज्योति यात्रा’ और ‘सेवा मेरा योगदान’ आयोजित होंगे।
- ‘सेवा सेतु अभियान’ और ‘सरकार आपके द्वार’ जैसी पहल होंगी।
इन कार्यक्रमों के जरिए सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी जोर रहेगा।
संस्कृति और पर्यटन से बढ़ेगा अभियान का दायरा
मंत्री राजेश अग्रवाल ने विभागों के बीच बेहतर तालमेल के निर्देश दिए। उन्होंने सभी गतिविधियों को समय पर पूरा करने को कहा।
संस्कृति को उन्होंने जनसंवाद का प्रभावी माध्यम बताया। पर्यटन के जरिए विकास की कहानी देश-दुनिया तक पहुंच सकती है। इसलिए दोनों विभागों की भूमिका अभियान में अहम रहेगी।
जनभागीदारी से मजबूत होगा सेवा और विकास का संदेश
सेवा संकल्प अभियान में स्थानीय संस्कृति और लोककलाओं को प्रमुखता दी जाएगी। युवाओं और डिजिटल माध्यमों को भी कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा। इससे अभियान का संदेश अलग-अलग वर्गों तक पहुंचेगा।
अभियान का उद्देश्य जनसेवा और विकास से जुड़े संदेश को व्यापक बनाना है। साथ ही विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प को जनभागीदारी से जोड़ना है।
अभियान की प्रमुख बातें
- अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
- प्रदेशभर में अलग-अलग गतिविधियां आयोजित होंगी।
- स्कूल और कॉलेजों में नुक्कड़ नाटक होंगे।
- पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर भी कार्यक्रम होंगे।
- इन्फ्लूएंसर पर्यटन और विकास कार्यों को डिजिटल माध्यमों पर दिखाएंगे।
- स्थानीय कला और युवाओं की भागीदारी बढ़ाई जाएगी।
डिजिटल और सांस्कृतिक माध्यमों से पहुंचेगा संदेश
सेवा संकल्प अभियान में पारंपरिक कला और डिजिटल प्लेटफॉर्म का संयोजन किया जाएगा। नुक्कड़ नाटक लोगों से सीधा संवाद स्थापित करेंगे। वहीं इन्फ्लूएंसर सोशल मीडिया के जरिए संदेश को व्यापक स्तर पर पहुंचाएंगे।

