सेमीकॉन इंडिया 2026: 52 देशों से 600 कंपनियां पहुंचीं

CG DARSHAN
CG DARSHAN 6 Min Read
6 Min Read
Advertisement Carousel

नई दिल्ली के यशोभूमि में सेमीकॉन इंडिया 2026 का पांचवां संस्करण शुरू हुआ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
इस आयोजन में 52 देशों की 600 से ज्यादा कंपनियां शामिल हैं।
करीब 300 अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भी प्रदर्शनी का हिस्सा हैं।

प्रधानमंत्री ने भारत की सेमीकंडक्टर क्षमता पर बात की।
उन्होंने कहा कि देश से चिप निर्माण की शुरुआत हो चुकी है।
उन्होंने उद्योग जगत को भारत के विकास में महत्वपूर्ण भागीदार बताया।
पीएम मोदी ने प्रतिभा, तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर को देश की ताकत बताया।

सेमीकॉन इंडिया 2026 में दिखी भारत की तकनीकी क्षमता

इस आयोजन की थीम ‘सिलिकॉन से सिस्टम तक: इकोसिस्टम का निर्माण’ है।
कार्यक्रम 17 से 19 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है।
इसमें नीति निर्माता, निवेशक, शोधकर्ता और स्टार्टअप शामिल हैं।
शिक्षण संस्थानों और छात्रों की भागीदारी भी रखी गई है।

प्रदर्शनी के लिए करीब 15,000 वर्ग मीटर क्षेत्र तैयार किया गया है।
सम्मेलन में 150 से ज्यादा वक्ता हिस्सा ले रहे हैं।
चिप डिजाइन और निर्माण पर प्रमुख चर्चा होगी।
एडवांस्ड पैकेजिंग और सप्लाई चेन भी अहम विषय हैं।

सेमीकॉन इंडिया 2026 में स्टार्टअप और छात्रों पर फोकस

आयोजन में स्टार्टअप पवेलियन भी तैयार किया गया है।
यहां नई तकनीक और समाधान पेश किए जाएंगे।
स्टूडेंट हैकाथॉन के जरिए युवाओं को अवसर मिलेगा।
इनोवेशन शोकेस में नए तकनीकी प्रयोग प्रदर्शित होंगे।

वर्कफोर्स डेवलपमेंट पवेलियन में कौशल पर चर्चा होगी।
इसमें रोजगार और प्रशिक्षण से जुड़े अवसरों पर ध्यान रहेगा।
महिलाओं की भागीदारी के लिए भी विशेष मंच रखा गया है।

600 से ज्यादा कंपनियां दिखाएंगी सेमीकंडक्टर तकनीक

इस बार छह देशों के कंट्री पवेलियन बनाए गए हैं।
इनमें जापान, दक्षिण कोरिया और मलेशिया शामिल हैं।
नीदरलैंड, सिंगापुर और स्वीडन भी भाग ले रहे हैं।
इसके अलावा 12 राज्यों के पवेलियन भी लगाए गए हैं।

कार्यक्रम में चिप से जुड़े कई क्षेत्र प्रदर्शित होंगे।
इसमें डिजाइन से लेकर पैकेजिंग तक की प्रक्रिया शामिल है।
‘सैंड टू सिलिकॉन टू सिस्टम्स’ इसका खास आकर्षण है।
इससे आगंतुक पूरी वैल्यू चेन को समझ सकेंगे।

भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को मिली गति

भारत ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में इकोसिस्टम विकसित करने पर जोर दिया है।
सरकार ने जुलाई 2026 में Semicon 2.0 को मंजूरी दी।
इसके लिए 1,27,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इस पहल में डिजाइन और निर्माण सहित कई क्षेत्रों पर ध्यान है।

प्रधानमंत्री ने उद्योग प्रतिनिधियों के साथ राउंडटेबल बैठक भी की।
बैठक में वैश्विक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
माइक्रोन, इंटेल, एएमडी और एएसएमएल के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और फॉक्सकॉन भी इसमें शामिल थे।

पीएम मोदी ने कौशल विकास पर भी जोर दिया।
उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में प्रशिक्षण बढ़ाने की बात कही।
साथ ही, नई तकनीकों में निवेश की जरूरत बताई।

भारत की वैश्विक सेमीकंडक्टर भूमिका

सेमीकंडक्टर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स की आधारभूत तकनीक है।
मोबाइल, वाहन और डिजिटल उपकरणों में चिप का उपयोग होता है।
इसलिए इसकी सप्लाई चेन का रणनीतिक महत्व बढ़ा है।

भारत अब इस क्षेत्र में अपनी क्षमता बढ़ा रहा है।
इसके लिए उत्पादन, डिजाइन और कौशल विकास पर काम हो रहा है।
सेमीकॉन इंडिया 2026 इसी इकोसिस्टम को वैश्विक मंच देता है।

भारत पर बढ़ते वैश्विक भरोसे का उल्लेख

प्रधानमंत्री ने भारत की अर्थव्यवस्था और वैश्विक भरोसे का उल्लेख किया।
उन्होंने जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी के हालिया फैसले की बात की।
JCR ने भारत की रेटिंग BBB+ से बढ़ाकर A- की है।
आउटलुक को स्थिर रखा गया है।

इस रेटिंग बदलाव को भारत की आर्थिक स्थिति से जोड़ा गया है।
JCR ने आर्थिक वृद्धि और वित्तीय प्रणाली में सुधार का उल्लेख किया।
इसका जिक्र प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भी किया।

आयोजन से जुड़े प्रमुख बिंदु

  • 600 से ज्यादा कंपनियां: 52 देशों की कंपनियां और प्रतिनिधि शामिल होंगे।
  • 300 अंतरराष्ट्रीय कंपनियां: वैश्विक उद्योग की बड़ी भागीदारी रहेगी।
  • 15,000 वर्ग मीटर प्रदर्शनी: कंपनियां तकनीक और समाधान प्रदर्शित करेंगी।
  • 150 से ज्यादा वक्ता: उद्योग और तकनीक से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।

युवाओं और नवाचार पर रहेगा जोर

  • स्टूडेंट हैकाथॉन: छात्रों को तकनीकी समाधान विकसित करने का अवसर मिलेगा।
  • स्टार्टअप पवेलियन: नए उद्यम अपनी तकनीक प्रस्तुत करेंगे।
  • वर्कफोर्स डेवलपमेंट: कौशल और रोजगार से जुड़े अवसरों पर चर्चा होगी।
  • इनोवेशन शोकेस: नए तकनीकी प्रयोगों को मंच मिलेगा।

कुल मिलाकर, आयोजन में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के कई पहलू दिखाए जा रहे हैं।
भारत के लिए यह उद्योग सहयोग और निवेश का मंच भी है।
आयोजन के जरिए वैश्विक कंपनियों के साथ संवाद बढ़ाने का प्रयास है।
आगे इसका असर निवेश और कौशल विकास पर देखा जा सकेगा।

यह भी पढ़ें:- आशीर्वाद का दीया: बिलासपुर में जलेंगे 10 लाख दीप, शाम 7 बजे रोशन होगा जिला

Share This Article
Leave a comment