भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग को विस्तार देने के लिए सेमीकॉन इंडिया 2026 शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के यशोभूमि में इसका उद्घाटन किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र की प्रगति पर बात की।
वैष्णव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत का आर्किटेक्ट बताया। उन्होंने इस प्रगति का श्रेय प्रधानमंत्री के विजन को दिया। मंत्री ने चिप डिजाइन से जुड़े स्टार्टअप बढ़ाने का लक्ष्य भी बताया।
भारत का लक्ष्य कम से कम 200 चिप डिजाइन स्टार्टअप और कंपनियां तैयार करना है। ये कंपनियां देश की सेमीकंडक्टर जरूरतों के अनुसार समाधान विकसित करेंगी।
सेमीकॉन इंडिया 2026 में छह प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस
कार्यक्रम में सेमीकॉन इंडिया 2.0 के छह प्रमुख स्तंभ बताए गए। इनमें चिप डिजाइन सबसे प्रमुख क्षेत्रों में शामिल है। मशीनों और मटीरियल पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
डिस्प्ले, मेमोरी, सिलिकॉन और लॉजिक तकनीक पर काम होगा। इसके अलावा कंपाउंड सेमीकंडक्टर पर भी जोर रहेगा। एडवांस्ड पैकेजिंग को भी महत्वपूर्ण क्षेत्र बनाया गया है।
ओडिशा में 3D पैकेजिंग यूनिट पर काम चल रहा है। इससे देश में आधुनिक पैकेजिंग क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
चिप डिजाइन से बढ़ेंगे नए अवसर
चिप डिजाइन क्षेत्र में कम से कम 200 स्टार्टअप को जोड़ने का लक्ष्य है। इससे घरेलू सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को विस्तार मिल सकता है।
सेमीकॉन इंडिया 1.0 में 105 स्टार्टअप शामिल हुए थे। इनमें करीब 20 स्टार्टअप को लगभग 800 करोड़ रुपये की वेंचर कैपिटल फंडिंग मिली थी।
इस बार लक्ष्य को और व्यापक किया गया है। इसमें स्टार्टअप के साथ स्थापित कंपनियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
आरएंडडी को उद्योग से जोड़ने की तैयारी
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में रिसर्च और डेवलपमेंट पर भी जोर दिया गया है। पांचवां स्तंभ आरएंडडी से जुड़ा है।
इसमें उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाया जाएगा। प्रोजेक्ट्स को उद्योग की वास्तविक जरूरतों से जोड़ा जाएगा।
इसका उद्देश्य व्यावहारिक और उपयोगी रिसर्च को बढ़ावा देना है। इससे शोध और उत्पादन के बीच बेहतर तालमेल बन सकता है।
एक लाख टैलेंट तैयार करने का लक्ष्य
टैलेंट डेवलपमेंट को सेमीकॉन इंडिया 2.0 का छठा स्तंभ बनाया गया है। पहले 10 वर्षों में 85 हजार डिजाइन इंजीनियर तैयार करने का लक्ष्य था।
चार वर्षों में करीब 70 हजार डिजाइन इंजीनियर प्रशिक्षित किए जा चुके हैं। अब टैलेंट डेवलपमेंट का दायरा और बढ़ाया जाएगा।
नए लक्ष्य में एक लाख लोगों को प्रशिक्षित करने की बात कही गई है। इसमें टेक्नीशियन और क्लीन रूम टैलेंट शामिल होंगे।
फैक्ट्री फ्लोर के लिए भी कुशल कर्मचारियों को तैयार किया जाएगा। इससे नई सेमीकंडक्टर फैक्ट्रियों में रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
माइक्रोन ने भारत में विस्तार की जानकारी दी
माइक्रोन के सीईओ संजय मेहरोत्रा ने भारत में कंपनी की मौजूदगी पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कंपनी सात वर्षों से भारत में काम कर रही है।
कंपनी भारत में सीधे 7,000 से ज्यादा लोगों को रोजगार देती है। इसके अलावा वैल्यू चेन में हजारों अन्य रोजगार जुड़े हैं।
साणंद स्थित माइक्रोन प्लांट की क्षमता पर भी जानकारी दी गई। कंपनी के अनुसार यह क्षमता भारत के पूरे लैपटॉप बाजार की मेमोरी जरूरत से अधिक है।
असेंबली और टेस्टिंग गतिविधियों को भी आगे बढ़ाने की योजना है। इससे भारत की सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ सकती है।
वैश्विक वैल्यू चेन में भारत की भूमिका
SEMI के अध्यक्ष और सीईओ अजीत मनोचा ने भारत की संभावनाओं पर बात की। उन्होंने पूरी सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन पर ध्यान देने की बात कही।
उनके अनुसार भारत को अपनी मजबूत क्षमताओं वाले क्षेत्रों की पहचान करनी होगी। इससे वैश्विक स्तर पर देश की भूमिका बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
इंफिनियन के सीईओ योखेन हानेबेक ने भी भारत में कंपनी के विस्तार की जानकारी दी। भारत में कंपनी के करीब 2,800 कर्मचारी हैं।
पिछले एक साल में टीम में 28 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। कंपनी ने भारत सरकार के साथ नया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी शुरू किया है।
600 से ज्यादा कंपनियां लेंगी हिस्सा
सेमीकॉन इंडिया 2026 का आयोजन 17 से 19 सितंबर तक किया जा रहा है। इसका विषय ‘सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग द इकोसिस्टम’ रखा गया है।
प्रदर्शनी में 600 से अधिक कंपनियां हिस्सा लेंगी। इनमें करीब 300 विदेशी कंपनियां शामिल हैं।
कार्यक्रम में 150 से ज्यादा वक्ता शामिल होंगे। चिप निर्माण और डिजाइन जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
एआई, एडवांस्ड पैकेजिंग और सप्लाई चेन भी प्रमुख विषय हैं। कार्यक्रम के लिए करीब 15 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र तैयार किया गया है।
छह देशों और 12 राज्यों के पवेलियन
आयोजन में छह देशों के पवेलियन बनाए गए हैं। इसके अलावा 12 राज्यों के अलग पवेलियन होंगे।
स्टार्टअप और इनोवेशन के लिए विशेष मंच भी तैयार किए गए हैं। छात्रों और वर्कफोर्स डेवलपमेंट पर भी ध्यान दिया गया है।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को लेकर भी विशेष मंच रहेगा। स्टार्टअप पवेलियन में करीब 40 स्टार्टअप अपनी तकनीक दिखाएंगे।
कार्यक्रम के प्रमुख फोकस क्षेत्र
- चिप डिजाइन और सेमीकंडक्टर स्टार्टअप को बढ़ावा।
- मशीनों और मटीरियल की घरेलू क्षमता विकसित करना।
- एडवांस्ड पैकेजिंग और 3D पैकेजिंग पर जोर।
- उद्योग और अकादमिक संस्थानों के बीच आरएंडडी सहयोग।
रोजगार और टैलेंट से जुड़े लक्ष्य
- एक लाख सेमीकंडक्टर टैलेंट तैयार करने का लक्ष्य।
- टेक्नीशियन और क्लीन रूम कर्मचारियों का प्रशिक्षण।
- फैक्ट्री फ्लोर के लिए कुशल कर्मचारियों का विकास।
- नई फैक्ट्रियों में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर।
भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को विस्तार
सेमीकॉन इंडिया 2026 में निवेश, तकनीक और कौशल विकास पर जोर दिखाई दिया। सरकार ने चिप डिजाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक कई क्षेत्रों को जोड़ा है।
कंपनियों की भागीदारी से उद्योग और सरकार के बीच संवाद बढ़ेगा। वहीं, स्टार्टअप और छात्रों के लिए नए अवसर सामने आ सकते हैं।
आयोजन के जरिए भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। इसका फोकस घरेलू क्षमता के साथ वैश्विक भागीदारी बढ़ाने पर भी है।

