मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर में विकसित छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव 2026 में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने राज्य की आर्थिक और औद्योगिक क्षमता पर बात की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में छत्तीसगढ़ निवेश के लिए व्यापक अवसर मौजूद हैं। खनिज संसाधन, बिजली और कुशल मानव संसाधन राज्य की बड़ी ताकत हैं।
मुख्यमंत्री ने विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्य का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इसके लिए विजन डॉक्यूमेंट 2047 तैयार किया गया है। सरकार इसके आधार पर समयबद्ध तरीके से काम कर रही है।
औद्योगिक नीति से निवेश को मिल रहा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री के अनुसार नई औद्योगिक नीति उद्योगों के लिए कई सुविधाएं देती है। इसमें पूंजी निवेश और ब्याज पर सब्सिडी का प्रावधान है। तकनीक खरीदने पर भी सहायता देने की बात कही गई है। इसके अलावा स्टांप ड्यूटी में छूट का प्रावधान भी है।
सरकार ने पावर, आईटी, स्टील, टेक्सटाइल और फार्मा को प्राथमिकता दी है। फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र को भी विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार नई नीति के तहत अब तक 8.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
छत्तीसगढ़ निवेश में इन क्षेत्रों पर फोकस
नई नीति का उद्देश्य उद्योगों के दायरे को व्यापक बनाना है। इससे पारंपरिक क्षेत्रों के साथ नए सेक्टर भी जुड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा, आईटी और विनिर्माण को महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया।
इससे स्थानीय स्तर पर कारोबार और रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है। हालांकि, प्रस्तावित निवेश और वास्तविक परियोजनाओं में अंतर हो सकता है। इसलिए इन आंकड़ों को निवेश प्रस्ताव के रूप में देखना जरूरी है।
स्टील और ऊर्जा क्षमता बढ़ाने की योजना
मुख्यमंत्री ने स्टील उत्पादन को लेकर भी लक्ष्य सामने रखा। उनके अनुसार वर्ष 2030 तक राज्य में स्टील उत्पादन 45 मिलियन टन करने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ देश के स्टील उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
ऊर्जा क्षेत्र को भी विकास का अहम आधार बताया गया। मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य करीब 30 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन कर रहा है। ऊर्जा समिट में लगभग 3.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आने की बात भी कही गई। भविष्य में बिजली उत्पादन क्षमता को 60 हजार मेगावाट तक पहुंचाने का लक्ष्य बताया गया है।
बस्तर में पर्यटन की संभावनाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने बस्तर की प्राकृतिक और सांस्कृतिक पहचान को भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में इको टूरिज्म की बड़ी संभावनाएं हैं। बस्तर अपनी जैव विविधता और जनजातीय संस्कृति के लिए जाना जाता है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक बस्तर की पहचान हिंसा और नक्सलवाद से जुड़ी खबरों से बनी रही। इससे क्षेत्र की दूसरी पहचान पीछे रह गई। अब सड़क, संचार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से नई संभावनाएं बन रही हैं।
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता और संस्कृति को सामने लाने की अपील की। उनके अनुसार सकारात्मक कहानियों से देश-दुनिया तक क्षेत्र की बदली तस्वीर पहुंच सकती है।
छत्तीसगढ़ निवेश के साथ उद्योग, ऊर्जा और पर्यटन को विकास के प्रमुख आधार के रूप में प्रस्तुत किया गया। सरकार 2047 के लक्ष्य के अनुरूप राज्य की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है।

