छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं के कौशल और रोजगार पर ध्यान दे रही है। इसके लिए शिक्षा, प्रशिक्षण और उद्यमिता से जुड़ी पहल की जा रही है। सरकार के अनुसार, युवाओं के रोजगार के अवसर बढ़ाने पर फोकस है। इसके साथ उच्च शिक्षा और खेल को भी प्राथमिकता दी जा रही है। पिछले करीब तीन वर्षों में कई योजनाएं शुरू की गई हैं। इनका उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगारपरक बनाना है। साथ ही, बदलती अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी कौशल विकसित करना है।
कौशल प्रशिक्षण से युवाओं को मिल रहे नए अवसर
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। राज्य के 26 जिलों में 18,330 युवाओं को प्रशिक्षण मिला है। इस प्रक्रिया में करीब 29 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। अब 35 हजार और युवाओं को प्रशिक्षण देने की योजना है। राज्य सरकार ने कौशल विकास के लिए 75 करोड़ रुपये रखे हैं। इससे प्रशिक्षण को उद्योगों की जरूरतों से जोड़ने का प्रयास होगा।
युवाओं के रोजगार में कौशल विकास की भूमिका
युवाओं के रोजगार के लिए केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है। बाजार की जरूरतों के अनुसार कौशल भी जरूरी है। इसी वजह से प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को काम के लिए तैयार करना है। साथ ही, उनमें आत्मनिर्भरता और नवाचार की क्षमता बढ़ाना है। इससे भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार होगा।
सरकारी भर्ती में पारदर्शिता पर जोर
राज्य में सरकारी नौकरियों को लेकर भी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। करीब 9 हजार रिक्त पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया जारी है। क्लास-3 और क्लास-4 भर्ती के लिए नई व्यवस्था बनाई गई है। इसके लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को एकीकृत करना है। साथ ही, प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर है। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को मदद मिलेगी। सरकारी पदों पर भर्ती उनके लिए रोजगार का एक विकल्प बनेगी।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग
सरकार ने CG-ACE पहल भी शुरू की है। इसके तहत कई प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग दी जा रही है। इसमें NEET, CLAT और JEE जैसी परीक्षाएं शामिल हैं। इसके अलावा UPSC और CGPSC की तैयारी भी कराई जा रही है। बैंकिंग, SSC और रेलवे परीक्षाओं के लिए भी सुविधा है। इस योजना के लिए 33 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। निःशुल्क कोचिंग से आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को मदद मिल सकती है। उन्हें बेहतर तैयारी के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे।
उच्च शिक्षा का बुनियादी ढांचा होगा मजबूत
युवा विकास की योजनाओं में उच्च शिक्षा को भी शामिल किया गया है। सरकार के अनुसार, उच्च शिक्षा के बजट में करीब 50 प्रतिशत वृद्धि हुई है। वर्ष 2025-26 में बजट 1,822.75 करोड़ रुपये किया गया है। राज्य के पांच सरकारी कॉलेजों को उत्कृष्टता केंद्र बनाया जा रहा है। इनमें जशपुर, रायपुर, दुर्ग, बलौदाबाजार और रायगढ़ शामिल हैं। इसके अलावा तकनीकी शिक्षा के लिए CGIT विकसित किए गए हैं। ये संस्थान कवर्धा, जशपुर, रायगढ़ और जगदलपुर में बनाए गए हैं। आगे रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में भी विस्तार की योजना है।
युवाओं के लिए शिक्षा से उद्यमिता तक अवसर
सरकार की योजना रोजगार तक सीमित नहीं है। युवाओं को उद्यमिता और स्टार्टअप से जोड़ने पर भी जोर है। इससे नौकरी तलाशने के साथ रोजगार देने की क्षमता भी विकसित होगी। युवाओं के रोजगार के लिए शिक्षा और कौशल का तालमेल जरूरी है। तकनीकी प्रशिक्षण युवाओं को नए क्षेत्रों के लिए तैयार कर सकता है। वहीं, स्टार्टअप पहल उन्हें अपने विचारों पर काम करने का अवसर देती है। खेल क्षेत्र को भी युवा विकास का हिस्सा बनाया गया है। इससे युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के नए अवसर मिल सकते हैं।
युवाओं के लिए प्रमुख अवसर
- 18,330 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण मिल चुका है।
- 35 हजार युवाओं को आगे प्रशिक्षण देने की योजना है।
- करीब 9 हजार सरकारी पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।
- CG-ACE के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध है।
शिक्षा और कौशल का विस्तार
- उच्च शिक्षा का बजट बढ़ाकर 1,822.75 करोड़ रुपये किया गया।
- पांच सरकारी कॉलेजों को उत्कृष्टता केंद्र बनाया जा रहा है।
- चार शहरों में CGIT विकसित किए गए हैं।
- तीन अन्य शहरों में CGIT विस्तार की योजना है।
युवाओं की क्षमता को विकास से जोड़ने की तैयारी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने युवाओं को राज्य की बड़ी ताकत बताया है। उनके अनुसार, युवाओं को शिक्षा और कौशल के अवसर मिलना जरूरी है। सरकार ने युवा सशक्तीकरण को विकास की रणनीति से जोड़ा है। युवाओं के रोजगार के साथ पारदर्शी व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इससे युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे। आने वाले समय में कौशल और तकनीकी शिक्षा पर फोकस बढ़ सकता है।
कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में युवा विकास के कई क्षेत्रों पर काम चल रहा है। कौशल प्रशिक्षण से लेकर सरकारी भर्ती तक पहल की जा रही है। उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। इन प्रयासों का लक्ष्य युवाओं को अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना है।

