अरब सागर में भारतीय और पाकिस्तानी नौसैनिक जहाजों के बीच टक्कर का मामला सामने आया है। आईएनएस कोलकाता टक्कर को लेकर भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को खारिज किया है। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। भारत ने घटना को लेकर अपना आधिकारिक पक्ष भी स्पष्ट किया है।
भारतीय अधिकारियों के अनुसार, घटना मंगलवार रात उत्तरी अरब सागर में हुई। उस समय आईएनएस कोलकाता नियमित निगरानी मिशन पर तैनात था। इसी दौरान पाकिस्तानी नौसेना का जहाज पीएनएस हुनैन उसके करीब पहुंचा। इसके बाद दोनों जहाजों के बीच टक्कर हुई।
अरब सागर में दोनों युद्धपोत कैसे टकराए
भारतीय पक्ष के अनुसार, आईएनएस कोलकाता सामान्य गश्त पर था। इसी दौरान पीएनएस हुनैन भारतीय युद्धपोत के काफी नजदीक आया। भारत का कहना है कि पाकिस्तानी जहाज ने सुरक्षित संचालन से जुड़ी सावधानियों का पालन नहीं किया।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पीएनएस हुनैन ने आगे निकलने की कोशिश की। इस दौरान दोनों जहाजों के बीच पर्याप्त दूरी नहीं रही। इसके बाद समुद्र में टक्कर की स्थिति बनी।
आईएनएस कोलकाता टक्कर पर एमईए ने क्या कहा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के दावे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान के जवाब को देखा है। भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है।
पाकिस्तान ने घटना को अपने विशेष आर्थिक क्षेत्र में होने का दावा किया था। उसने भारतीय जहाज की कार्रवाई को टक्कर का कारण बताया। भारत ने इस दावे को स्वीकार नहीं किया है।
भारत ने पाकिस्तान के प्रभारी राजदूत को बुलाया
घटना के बाद भारत ने पाकिस्तान के प्रभारी राजदूत को तलब किया। नई दिल्ली ने मामले में अपना आधिकारिक विरोध दर्ज कराया। भारत ने पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज के आचरण पर आपत्ति जताई।
भारत ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सावधानी पर जोर दिया। पाकिस्तान से अपनी सैन्य इकाइयों को सतर्क रहने को कहा गया। साथ ही, संबंधित द्विपक्षीय समझौतों का पालन करने की बात कही गई।
1991 के समझौते का भी दिया गया हवाला
विदेश मंत्रालय ने अप्रैल 1991 के भारत-पाकिस्तान समझौते का उल्लेख किया। प्रवक्ता के अनुसार, इसके अनुच्छेद 10 में समुद्री गतिविधियों से जुड़े प्रावधान हैं।
भारत के अनुसार, दोनों देशों के नौसैनिक जहाजों को कम से कम तीन समुद्री मील की दूरी बनाए रखनी चाहिए। मंत्रालय ने कहा कि इस व्यवस्था का पालन जरूरी है।
इसके अलावा समुद्र में टक्कर रोकने वाले अंतरराष्ट्रीय नियमों का भी उल्लेख किया गया। भारत ने नौसैनिक संचालन के दौरान इन नियमों के पालन पर जोर दिया।
आईएनएस कोलकाता को नहीं हुआ बड़ा नुकसान
विदेश मंत्रालय के अनुसार, टक्कर से आईएनएस कोलकाता को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। भारतीय युद्धपोत अपनी समुद्री तैनाती पर बना हुआ है।
भारत की ओर से यह जानकारी घटना के बाद सामने आई है। इससे युद्धपोत के परिचालन को लेकर स्थिति स्पष्ट हुई है। भारतीय पक्ष ने अपनी तैनाती जारी रहने की बात कही है।
टक्कर के बाद भारत ने फिर जताई आपत्ति
आईएनएस कोलकाता टक्कर के बाद भारत ने आधिकारिक स्तर पर विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय ने समुद्र में सैन्य गतिविधियों के दौरान सावधानी की जरूरत बताई।
भारत ने कहा कि संबंधित सैन्य इकाइयों को तय नियमों का पालन करना चाहिए। दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का सम्मान भी जरूरी बताया गया है।
लाल सागर की सुरक्षा पर भी भारत की चिंता
विदेश मंत्रालय ने लाल सागर क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर भी चिंता जताई। प्रवक्ता ने सऊदी अरब के क्षेत्र और आम नागरिकों पर हुए हमलों का उल्लेख किया।
मक्का पर हमले की कोशिश के बाद भारत की ओर से जारी प्रतिक्रिया का भी जिक्र किया गया। भारत ने ऐसे घटनाक्रम को क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर विषय बताया है।
बाब अल-मंदेब जल मार्ग की सुरक्षा पर भी चर्चा हुई। यह मार्ग अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए महत्वपूर्ण है। भारत ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता लौटने की उम्मीद जताई।
समुद्री सुरक्षा नियमों पर बढ़ा जोर
आईएनएस कोलकाता टक्कर के घटनाक्रम ने समुद्री सुरक्षा से जुड़े नियमों को चर्चा में ला दिया है। नौसैनिक जहाजों के बीच सुरक्षित दूरी रखना जरूरी है। इसके साथ अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों का पालन भी महत्वपूर्ण है।
भारत और पाकिस्तान ने घटना को लेकर अलग-अलग दावे किए हैं। भारत ने पीएनएस हुनैन के व्यवहार को घटना का कारण बताया है। पाकिस्तान ने इसके लिए भारतीय जहाज की कार्रवाई को जिम्मेदार बताया है।
घटना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
- आईएनएस कोलकाता नियमित निगरानी मिशन पर तैनात था।
- पीएनएस हुनैन के करीब आने के बाद टक्कर की बात भारत ने कही।
- भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को खारिज किया।
- पाकिस्तान के प्रभारी राजदूत को भारत ने तलब किया।
समुद्री नियमों को लेकर भारत का पक्ष
- 1991 के द्विपक्षीय समझौते का उल्लेख किया गया।
- नौसैनिक जहाजों के बीच तीन समुद्री मील दूरी का जिक्र हुआ।
- अंतरराष्ट्रीय टक्कर-रोधी नियमों के पालन पर जोर दिया गया।
- लाल सागर और बाब अल-मंदेब की सुरक्षा पर चिंता जताई गई।
आगे इस मामले पर बनी रहेगी नजर
आईएनएस कोलकाता टक्कर को लेकर भारत ने अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के आरोपों को खारिज किया है। साथ ही, समुद्री संचालन में सुरक्षा नियमों के पालन पर जोर दिया गया है।
आईएनएस कोलकाता को लेकर भारत ने कहा कि उसे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। वहीं, घटना की वजह को लेकर दोनों देशों के दावे अलग हैं।
कुल मिलाकर, अरब सागर की घटना ने समुद्री सुरक्षा और द्विपक्षीय समझौतों के पालन का मुद्दा सामने रखा है। आगे की स्थिति संबंधित आधिकारिक बयानों और प्रक्रियाओं से स्पष्ट होगी।

