ईशा सिंह ने एशियाड में जीता रजत, जानें पूरा सफर

CG DARSHAN
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ईशा सिंह ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक जीता। नागोया में हुए फाइनल में उन्होंने 38 हिट दर्ज किए। चीन की जियाओ जियारुइक्सुआन ने भी 38 हिट किए। इसके बाद मुकाबला शूट-ऑफ तक पहुंचा।

भारतीय निशानेबाज ने पदक के लिए लगातार कई शूट-ऑफ खेले। उन्होंने पहले उत्तर कोरिया की किम ह्योन सुक को पीछे छोड़ा। इसके बाद स्वर्ण के लिए चीन की जियाओ से मुकाबला हुआ। पांच शूट-ऑफ के बाद भारतीय खिलाड़ी को रजत से संतोष करना पड़ा।

नौ साल की उम्र में शुरू हुआ शूटिंग सफर

हैदराबाद में जन्मी ईशा ने नौ साल की उम्र में शूटिंग शुरू की थी। उनके पिता सचिन सिंह मोटरस्पोर्ट्स से जुड़े रहे हैं। उन्होंने अपनी बेटी के अभ्यास में लगातार सहयोग किया।

शुरुआत में पिस्टल का वजन उनके लिए चुनौती बना था। बाद में उन्हें हल्की पिस्टल से अभ्यास करने का मौका मिला। इसके बाद उनका निशानेबाजी के प्रति लगाव बढ़ता गया।

घर से शूटिंग रेंज दूर होने के कारण परिवार ने अलग व्यवस्था की। उनके पिता ने घर पर पेपर टारगेट के साथ अभ्यास की सुविधा बनाई। इससे नियमित ट्रेनिंग में काफी मदद मिली।

13 साल की उम्र में बनीं राष्ट्रीय चैंपियन

2018 में महज 13 साल की उम्र में ईशा ने सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप जीती। तिरुवनंतपुरम में उन्होंने महिला 10 मीटर एयर पिस्टल में 241.0 अंक बनाए। उन्होंने उसी प्रतियोगिता में यूथ और जूनियर वर्ग में भी स्वर्ण जीता।

इस प्रदर्शन के बाद उनका नाम भारतीय शूटिंग में तेजी से उभरा। कम उम्र में उन्होंने अनुभवी निशानेबाजों के बीच अपनी जगह बनाई। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी उनका प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ता गया कद

जूनियर स्तर पर पदक जीतने के बाद उन्होंने सीनियर प्रतियोगिताओं में कदम रखा। एशियन चैंपियनशिप और विश्व कप में भी उन्होंने पदक जीते। 2023 के एशियन गेम्स में उन्होंने व्यक्तिगत रजत पदक हासिल किया था।

2024 पेरिस ओलंपिक में भी उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल और 25 मीटर पिस्टल स्पर्धाओं में हिस्सा लिया। इसके बाद 25 मीटर पिस्टल उनका प्रमुख इवेंट बनता गया।

25 मीटर पिस्टल में बनाया विश्व रिकॉर्ड

27 मई 2026 को म्यूनिख में ईशा ने शानदार प्रदर्शन किया। ISSF विश्व कप के फाइनल में उन्होंने 43 हिट किए। इसके साथ उन्होंने सीनियर और जूनियर दोनों वर्गों का विश्व रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक भी जीता।

ISSF के आधिकारिक रिकॉर्ड में 43 हिट का स्कोर दर्ज है। मौजूदा रिकॉर्ड के अनुसार वह 25 मीटर पिस्टल में विश्व रैंकिंग की शीर्ष खिलाड़ी भी हैं।

पांच शूट-ऑफ के बाद मिला एशियाड रजत

एशियन गेम्स 2026 का फाइनल बेहद रोमांचक रहा। 50 शॉट के बाद उनका स्कोर 38 रहा। चीन की जियाओ जियारुइक्सुआन का स्कोर भी 38 था। इसलिए स्वर्ण के लिए शूट-ऑफ हुआ।

इससे पहले रजत पदक के लिए उन्हें किम ह्योन सुक के खिलाफ तीन शूट-ऑफ खेलने पड़े। उन्होंने इन मुकाबलों में बढ़त बनाकर पदक पक्का किया। इसके बाद स्वर्ण के लिए दो और शूट-ऑफ हुए।

पहले शूट-ऑफ में दोनों खिलाड़ियों ने बराबर प्रदर्शन किया। अगले शूट-ऑफ में चीन की खिलाड़ी ने बढ़त बना ली। इस तरह भारतीय निशानेबाज ने रजत पदक अपने नाम किया।

परिवार के सहयोग से मिली बड़ी उड़ान

ईशा की सफलता में परिवार की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। शुरुआती दौर में उनके पिता ने अभ्यास की सुविधाएं जुटाईं। इसके अलावा प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के दौरान भी परिवार ने उनका साथ दिया।

आज उनका सफर कई युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का विषय है। नौ साल की उम्र में शुरू हुई यात्रा राष्ट्रीय चैंपियन तक पहुंची। इसके बाद विश्व रिकॉर्ड और एशियन गेम्स पदक भी उनके नाम हुए।

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