जशपुर आवास से 96 हजार परिवारों को मिली बड़ी राहत

CG DARSHAN
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जशपुर जिले में जशपुर आवास से हजारों परिवारों को सुरक्षित घर मिला है। जिले में 1,12,948 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 96,801 आवास पूरे हो चुके हैं। पक्के घर मिलने से परिवारों को राहत मिली है। अब उन्हें बारिश में छत टपकने की चिंता नहीं रहती।

कच्चे मकानों से पक्के घरों तक का सफर

जिले के कई परिवार लंबे समय तक कच्चे मकानों में रहे। बारिश के दिनों में घर के अंदर पानी पहुंच जाता था। कमजोर दीवारों से भी सुरक्षा का खतरा रहता था। सीमित आय के कारण पक्का घर बनाना कठिन था। आवास मिलने से इन परिवारों की परेशानी कम हुई है।

पक्की छत ने परिवारों को मौसम से सुरक्षा दी है। बच्चों को भी बेहतर रहने का माहौल मिला है। साथ ही परिवारों को अपने भविष्य के लिए स्थिरता मिली है।

आवास के साथ सुविधाओं का भी विस्तार

पक्का घर मिलने के साथ दूसरी सुविधाओं पर भी ध्यान है। इनमें बिजली, पेयजल और शौचालय शामिल हैं। एलपीजी जैसी सुविधाएं भी जीवन को आसान बनाती हैं। इससे परिवारों को रोजमर्रा के काम में सुविधा मिलती है।

आवास अब केवल रहने की जगह नहीं रह गया है। यह परिवार की सुरक्षा और बेहतर जीवन का आधार बना है। इसके साथ स्वास्थ्य और स्वच्छता पर भी सकारात्मक असर पड़ता है।

पीएम जनमन से पहाड़ी कोरवा परिवारों को लाभ

पीएम जनमन के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को लाभ मिल रहा है। जशपुर में 2,100 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 1,614 से अधिक आवास पूरे हो चुके हैं। इससे पहाड़ी कोरवा परिवारों को सुरक्षित घर मिले हैं।

पीएम जनमन के तहत आवास के साथ अन्य सुविधाएं भी जुड़ी हैं। इनमें पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा शामिल हैं। पोषण और सड़क सुविधा पर भी काम किया जा रहा है। दूरसंचार कनेक्टिविटी बढ़ाने के प्रयास भी जारी हैं।

जशपुर आवास से दूरस्थ परिवारों तक पहुंच

जशपुर आवास का लाभ दूरस्थ क्षेत्रों के परिवारों तक पहुंचाने पर जोर है। पीएम जनमन ने विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को जोड़ा है। इससे बुनियादी सुविधाओं तक उनकी पहुंच बढ़ाने का प्रयास हुआ है। सुरक्षित घर उनके जीवन में स्थिरता ला रहे हैं।

आवास प्लस 2.0 से छूटे परिवारों का सर्वे

पहले छूटे परिवारों को जोड़ने के लिए सर्वेक्षण किया गया है। आवास प्लस 2.0 के तहत 1,02,371 परिवारों का सर्वे हुआ है। अब पात्रता के आधार पर आगे की प्रक्रिया होगी। इससे जरूरतमंद परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

सर्वे के जरिए ऐसे परिवारों की पहचान हो रही है। जो परिवार पहले योजना से नहीं जुड़ पाए थे। पात्रता पूरी होने पर उन्हें योजनाओं से जोड़ा जाएगा।

पक्के घर से बढ़ा सुरक्षा और सम्मान

पक्का घर परिवार के लिए सुरक्षा का आधार बनता है। इससे मौसम की परेशानी कम होती है। बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिलता है। परिवार अपने घर में अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं।

जशपुर आवास से जुड़ा यह बदलाव केवल मकानों तक सीमित नहीं है। इससे परिवारों के जीवन में स्थिरता भी आई है। सुरक्षित घर मिलने से भविष्य को लेकर भरोसा बढ़ा है।

सेवा संकल्प अभियान में जनकल्याण पर जोर

सेवा संकल्प अभियान 2026 में जनकल्याण पर जोर दिया गया है। ‘सेवा मेरा योगदान’ की भावना इसके केंद्र में है। इसी क्रम में योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। जशपुर के पक्के आवास इसका उदाहरण हैं।

जशपुर आवास से मिले पक्के घर परिवारों के लिए नई शुरुआत हैं। पीएम जनमन और आवास प्लस 2.0 से यह पहुंच आगे बढ़ सकती है। इससे पात्र परिवारों को सुरक्षित आवास मिलने की उम्मीद है।

 

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