रायपुर में जन्म शताब्दी वर्ष का उद्घाटन समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम राजधानी के वीआईपी रोड स्थित निरंजन धर्मशाला में हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय समारोह में शामिल हुए। उन्होंने चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने समाज और संस्कृति में योगदान को याद किया।
अशोक सिंघल के सामाजिक योगदान को किया याद
मुख्यमंत्री ने कहा कि अशोक सिंघल का जीवन समाज संगठन को समर्पित रहा। उन्होंने सनातन संस्कृति के संरक्षण पर भी जोर दिया। साथ ही, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय स्वाभिमान की बात कही। मुख्यमंत्री के अनुसार, उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने का प्रयास किया।
उनके विचारों से भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर रहा। मुख्यमंत्री ने उनके संगठन कौशल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक शक्ति में उनका विश्वास मजबूत था।
राम मंदिर निर्माण से जुड़े योगदान का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अयोध्या के राम मंदिर निर्माण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मंदिर की आकांक्षा जनभावना से जुड़ी। इसके लिए समाज को संगठित करने में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री ने इस यात्रा में कई पीढ़ियों के संघर्ष को भी याद किया।
उन्होंने कहा कि इस प्रयास में त्याग और समर्पण की लंबी भूमिका रही। साथ ही, सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
छत्तीसगढ़ से जुड़ा श्रीराम का आत्मीय संबंध
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ और प्रभु श्रीराम के संबंध पर बात की। उन्होंने छत्तीसगढ़ को माता कौशल्या की भूमि बताया। साथ ही, इसे प्रभु श्रीराम का ननिहाल भी बताया। उन्होंने वनवास काल से जुड़ी मान्यताओं का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने शिवरीनारायण और माता शबरी की भक्ति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रामायणकालीन स्मृतियां आज भी मौजूद हैं। इन परंपराओं से लोगों की आस्था जुड़ी हुई है।
अयोध्या के लिए छत्तीसगढ़ ने भेजा सुगंधित चावल
मुख्यमंत्री ने प्राण-प्रतिष्ठा के समय का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ से 11 ट्रक चावल भेजे गए थे। यह चावल प्रदेशवासियों की श्रद्धा के रूप में अयोध्या पहुंचा था। इस प्रसंग को उन्होंने प्रदेश की भावनात्मक जुड़ाव से जोड़ा।
रामलला दर्शन योजना से श्रद्धालुओं को अवसर
मुख्यमंत्री ने श्री रामलला दर्शन योजना की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि योजना से श्रद्धालुओं को अयोध्या जाने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री के अनुसार, 50 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। यह यात्रा आगे भी जारी रहने की बात कही गई।
नई पीढ़ी के लिए जन्म शताब्दी वर्ष महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन्म शताब्दी वर्ष नई पीढ़ी के लिए अवसर है। इससे युवा उनके जीवन और कार्यों को समझ सकेंगे। उन्होंने दृढ़ संकल्प और सामाजिक समर्पण को महत्वपूर्ण बताया। साथ ही, संगठन के जरिए बदलाव की दिशा में काम करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि जन्म शताब्दी समारोह की शुरुआत छत्तीसगढ़ से होना विशेष है। तीन दिवसीय आयोजन को लेकर भी उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की। कार्यक्रम में संतों और देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
समारोह में संत और गणमान्य नागरिक रहे मौजूद
कार्यक्रम में संत परमात्मानंद जी महाराज मौजूद रहे। संत युधिष्ठिर लाल जी महाराज भी समारोह में शामिल हुए। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। देश-विदेश से आए पदाधिकारी और प्रतिनिधि भी पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने संतों के मार्गदर्शन को समाज के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक योगदान को याद करने का अवसर देते हैं।
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