रायपुर में छत्तीसगढ़ नेक्स्ट यूथ कॉन्क्लेव का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में आज की जनधारा साहित्यिक वार्षिकी-2026 का विमोचन भी हुआ।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने अपनी बात साहस के साथ रखने की सलाह दी। साथ ही, नई सोच को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं से बड़े लक्ष्य तय करने को कहा।
युवा प्रतिभा को नई सोच से जोड़ने का संदेश
युवा प्रतिभा को आगे बढ़ाने में नई सोच की भूमिका अहम है। मुख्यमंत्री ने युवाओं की ऊर्जा और रचनात्मकता की चर्चा की। उन्होंने स्टार्टअप और नवाचार में अवसरों का उल्लेख किया। विज्ञान और तकनीक में भी संभावनाओं की बात कही।
उन्होंने कहा कि युवा अपनी क्षमताओं को पहचानें। इसके बाद लक्ष्य तय करके निरंतर प्रयास करें। मुख्यमंत्री ने आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
विकसित छत्तीसगढ़ में युवाओं की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास में युवाओं की भूमिका बताई। उन्होंने युवाओं को संभावनाओं से भरपूर बताया। उनके अनुसार, मेहनत से युवा नए अवसर बना सकते हैं। इससे विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की दिशा मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री ने देश में युवाओं के लिए बढ़ते अवसरों का भी उल्लेख किया। उन्होंने नवाचार, स्टार्टअप और खेल की चर्चा की। कला और संस्कृति में युवाओं की भागीदारी को भी रेखांकित किया।
प्रकृति और संस्कृति से जुड़े रहने की अपील
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा की चर्चा की। उन्होंने वन, पहाड़ और जलप्रपातों का उल्लेख किया। गांवों के सहज जीवन को भी प्रदेश की पहचान बताया।
उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने को कहा। भाषा और बोलियों के संरक्षण पर भी जोर दिया। लोकगीत और लोककला को विरासत का हिस्सा बताया। आधुनिकता के साथ संस्कृति बचाने की बात कही।
हर घर मुनगा अभियान का भी उल्लेख
मुख्यमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम का उल्लेख किया। उन्होंने पर्यावरण और पोषण से जुड़े संदेशों की चर्चा की। इस दौरान हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा अभियान का जिक्र हुआ।
उन्होंने मुनगा को स्थानीय पोषण का स्रोत बताया। जनभागीदारी से इसे घर-घर पहुंचाने की बात कही। इससे स्वस्थ और सुपोषित छत्तीसगढ़ के प्रयास मजबूत हो सकते हैं।
संघर्ष से आगे बढ़ने की सीख
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपने जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने कम उम्र में परिवार की जिम्मेदारी संभालने की बात कही। खेती के साथ परिवार की जिम्मेदारियां निभाने का उल्लेख किया। उन्होंने छोटे भाइयों की शिक्षा की जिम्मेदारी भी बताई।
उन्होंने कहा कि मुश्किल परिस्थितियों से घबराना नहीं चाहिए। परिश्रम और धैर्य के साथ आगे बढ़ना जरूरी है। संकल्प के साथ किया प्रयास नए रास्ते खोल सकता है।
पीयूष मिश्रा ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति को सराहा
कार्यक्रम में कलाकार पीयूष मिश्रा भी शामिल हुए। उन्होंने छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति की सराहना की। उन्होंने पंडवानी कलाकार तीजन बाई को याद किया।
उन्होंने तीजन बाई के योगदान का विशेष उल्लेख किया। उनकी कला ने पंडवानी को व्यापक पहचान दिलाई। कार्यक्रम में पीयूष मिश्रा ने ‘आरंभ है प्रचंड’ गीत प्रस्तुत किया।
सम्मान से युवाओं को मिला प्रोत्साहन
कॉन्क्लेव में युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने सम्मानित युवाओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ऐसे आयोजनों को प्रेरणादायक बताया।
उन्होंने कहा कि युवाओं के विचार समाज तक पहुंचने चाहिए। उनकी उपलब्धियां अन्य युवाओं को प्रेरित कर सकती हैं। ऐसे मंच प्रतिभाओं को पहचान देने का अवसर देते हैं।
साहित्यिक वार्षिकी का हुआ विमोचन
कार्यक्रम में आज की जनधारा साहित्यिक वार्षिकी-2026 का विमोचन हुआ। यह आयोजन मीडिया समूह की 36वीं वर्षगांठ से जुड़ा था। कार्यक्रम में कई गणमान्य नागरिक और युवा मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री के सलाहकार कृष्णा दास भी उपस्थित रहे। विशेष सचिव रजत बंसल कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रधान संपादक सुभाष मिश्रा सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे।
युवाओं की रचनात्मकता से विकास को मिलेगी दिशा
युवाओं की ऊर्जा को प्रदेश की महत्वपूर्ण ताकत बताया गया। मुख्यमंत्री ने रचनात्मक सोच को आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने युवाओं को सकारात्मक बदलाव का माध्यम बताया।
कॉन्क्लेव ने युवाओं को संवाद का मंच दिया। यहां उपलब्धियों को सम्मान और विचारों को स्थान मिला। साथ ही, संस्कृति और नवाचार पर चर्चा हुई।
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