मन की बात में छत्तीसगढ़ की संस्कृति और नवाचारों को मिली पहचान

CG DARSHAN
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रायपुर, 25 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को रायपुर जिले के अभनपुर स्थित अग्रवाल भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात की 139वीं कड़ी सुनी। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, सिद्धार्थ शंभू और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह कार्यक्रम देश के आम नागरिकों के प्रयासों, सेवा और नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का माध्यम है। इसके जरिए समाज, पर्यावरण, संस्कृति और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों की कहानियां सामने आती हैं, जो दूसरों को भी सकारात्मक पहल के लिए प्रेरित करती हैं।

बस्तर की संस्कृति और खेल प्रतिभाओं को मिली पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने विभिन्न कड़ियों में छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और जनजातीय परंपराओं का उल्लेख किया है। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों से क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं और सांस्कृतिक विरासत को व्यापक पहचान मिली है।

उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में हो रहे प्रयासों के साथ स्थानीय युवाओं की प्रतिभा और परंपराएं प्रदेश की नई पहचान बनाने में योगदान दे रही हैं।

कोरिया जिले के जल संरक्षण मॉडल की चर्चा

मन की बात में छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में अपनाए जा रहे जल संरक्षण के पांच प्रतिशत मॉडल का भी उल्लेख किया गया। इस मॉडल के तहत किसान अपनी भूमि के पांच प्रतिशत हिस्से में तालाब बनाकर बारिश के पानी को संचित करते हैं। इससे सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने और भूजल संरक्षण को बढ़ावा देने में मदद मिलती है।

मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक मल्हार के ताम्रपत्रों और पोषण से जुड़े ‘हर घर मुनगा’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक विरासत और स्थानीय पहल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाते हैं।

महिला सशक्तिकरण और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा

कार्यक्रम की 139वीं कड़ी में प्रधानमंत्री ने इसकी 12 वर्षों की यात्रा का जिक्र करते हुए आम नागरिकों के परिश्रम और समर्पण की सराहना की। उन्होंने पंजाब में प्राकृतिक कपास की खेती और बुनकरी के माध्यम से महिला सशक्तिकरण तथा उत्तराखंड में हेवल नदी को पुनर्जीवित करने जैसे प्रयासों का उल्लेख किया।

इसके साथ ही स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने और खादी को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया। त्योहारों के दौरान स्थानीय कारीगरों के उत्पाद खरीदने की अपील के जरिए स्वदेशी वस्तुओं और छोटे कारोबारों को सहयोग देने का संदेश दिया गया।

स्वास्थ्य, तकनीक और कृषि से जुड़े विषयों पर चर्चा

प्रधानमंत्री ने ई-संजीवनी के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं, आधुनिक अनुसंधान और युवाओं के डीप-टेक स्टार्टअप जैसे विषयों को भी प्रमुखता दी। इसके अलावा श्रीअन्न की खेती और अंगदान के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने की बात कही गई।

सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित होने वाले ‘रन फॉर यूनिटी’ में भागीदारी, स्वच्छता और सामाजिक एकता का संदेश भी कार्यक्रम का हिस्सा रहा। इन विषयों के माध्यम से नागरिकों को समाज के विकास में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

जनभागीदारी से विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि समाज में हो रहे सकारात्मक कार्यों से प्रेरणा लेकर प्रत्येक व्यक्ति को अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। उनके अनुसार, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन और नवाचार जैसे प्रयासों में लोगों की भागीदारी महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में छत्तीसगढ़ की भी अहम भूमिका है। इसके लिए जनभागीदारी, नए विचारों को अपनाने और कर्तव्यों के प्रति समर्पण की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के दौरान रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सांसद लक्ष्मी वर्मा, अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

 

 

 

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