रायपुर, 17 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर में मां काली और मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की। वे कालीबाड़ी स्थित प्रसिद्ध मां काली मंदिर और दुर्गा पूजा पंडाल पहुंचे। यहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री ने मां के चरणों में शीश नवाकर प्रदेश की शांति और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। उन्होंने प्रत्येक परिवार के उत्तम स्वास्थ्य और समृद्ध जीवन की कामना भी की। इस दौरान मंदिर और पंडाल में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही।
मां दुर्गा की आराधना देती है साहस और सकारात्मक ऊर्जा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मां दुर्गा शक्ति और साहस की प्रतीक हैं। उनकी आराधना लोगों को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है। यह जीवन की चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा भी देती है।
उन्होंने कहा कि मां दुर्गा की उपासना हमें सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलना सिखाती है। शक्ति की आराधना का अवसर लोगों को अपनी आस्था और गौरवशाली परंपराओं से जोड़ता है। ऐसे पर्व सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण हैं।
छत्तीसगढ़ की संस्कृति और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं पर्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं के लिए जाना जाता है। यहां के धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने का काम करते हैं। पर्व-उत्सव आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देते हैं।
उन्होंने कहा कि इन आयोजनों में समाज के विभिन्न वर्ग एक साथ शामिल होते हैं। इससे सामाजिक एकता मजबूत होती है। नई पीढ़ी को भी अपनी सांस्कृतिक विरासत और जीवन मूल्यों को समझने का अवसर मिलता है।
किसानों, युवाओं और परिवारों की खुशहाली की कामना
मुख्यमंत्री ने मां भगवती से प्रदेश के हर परिवार के लिए सुख-शांति मांगी। उन्होंने किसानों की समृद्धि और युवाओं के सपनों को नई उड़ान मिलने की कामना की। साथ ही, माताओं और बहनों के जीवन में खुशहाली की प्रार्थना की।
उन्होंने उम्मीद जताई कि छत्तीसगढ़ विकास और समृद्धि के रास्ते पर निरंतर आगे बढ़ेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से मुलाकात की और उन्हें नवरात्रि तथा दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं दीं।
मंदिर में श्रद्धालुओं से मिले मुख्यमंत्री
कालीबाड़ी मंदिर और दुर्गा पूजा पंडाल में श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा भी मौजूद रहे। बंगाली कालीबाड़ी समिति, रायपुर के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए। पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
यह भी पढ़ें – बस्तर शौर्यांजलि: 50 अमर शहीदों को नमन, परिजनों के सम्मान के साथ विकास का संकल्प.

