रमेन डेका ने युवाओं से स्टार्टअप शुरू कर रोजगार बढ़ाने की अपील की

CG DARSHAN
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रायपुर, 26 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने युवाओं से अपनी प्रतिभा और नए विचारों के दम पर आगे बढ़ने की अपील की। रायपुर स्थित आईटीएम विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में उन्होंने कहा कि शिक्षा जीवन में लक्ष्य हासिल करने का अहम साधन है। युवाओं को अपने विचारों को व्यावहारिक रूप देकर स्टार्टअप शुरू करने और देश के आर्थिक विकास में योगदान देने की दिशा में प्रयास करना चाहिए।

दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को मिलीं डिग्रियां

समारोह में 16 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए, जबकि चार शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि मिली। इसके अलावा, 464 विद्यार्थियों को स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्रियां दी गईं। इस अवसर पर राज्यपाल ने विद्यार्थियों को नई जिम्मेदारियों के लिए तैयार रहने और अपने ज्ञान का उपयोग समाज के हित में करने की प्रेरणा दी।

नौकरी खोजने के साथ रोजगार देने की सोच विकसित करें

रमेन डेका का युवाओं को संदेश था कि वे केवल नौकरी पाने को ही सफलता का पैमाना न मानें। अपनी क्षमता, रचनात्मकता और कौशल का इस्तेमाल करके नए व्यवसाय शुरू करना भी एक महत्वपूर्ण अवसर है। स्टार्टअप के माध्यम से युवा अपनी पहचान बनाने के साथ दूसरों के लिए रोजगार के रास्ते खोल सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सफलता हासिल करने के बाद समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को नहीं भूलना चाहिए।

डिग्री के बाद भी सीखते रहने की जरूरत

राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के जीवन में एक नए चरण की शुरुआत है। डिग्री हासिल करना मंजिल नहीं, बल्कि अपने ज्ञान और कौशल को बेहतर बनाने की शुरुआत है। रमेन डेका का युवाओं को संदेश है कि वे अपनी रुचि के अनुसार करियर चुनें, चुनौतियों का धैर्य से सामना करें और असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ें। शिक्षा से जिम्मेदार नागरिक बनने की क्षमता भी विकसित होनी चाहिए।

एआई के दौर में तकनीक का संतुलित इस्तेमाल करें

राज्यपाल ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मोबाइल तकनीक के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए युवाओं को डिजिटल लत और नशे से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल जरूरत और उद्देश्य के अनुसार करना चाहिए। परिवार, दोस्तों और समाज के साथ संवाद बनाए रखना भी जरूरी है।

बस्तर के विकास और पर्यटन की संभावनाओं पर जोर

अपने संबोधन में राज्यपाल ने शांति और सुरक्षा को विकास से जोड़ते हुए छत्तीसगढ़ में बदलती परिस्थितियों तथा बस्तर में आजीविका के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने राज्य के प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन स्थलों को विकसित करने की जरूरत भी बताई। रमेन डेका का युवाओं को संदेश रहा कि वे अपनी प्रतिभा और कौशल का उपयोग केवल व्यक्तिगत प्रगति के लिए नहीं, बल्कि समाज और देश के विकास के लिए भी करें।

आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में युवाओं की भागीदारी

राज्यपाल ने युवाओं से बड़े सपने देखने, कड़ी मेहनत करने और नए प्रयोग जारी रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि उद्यमिता, नवाचार और जिम्मेदारी की भावना से युवा देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दे सकते हैं। रमेन डेका का युवाओं को संदेश शिक्षा, आत्मविश्वास और सामाजिक दायित्व के महत्व को रेखांकित करता है।

समारोह में गणमान्य अतिथि रहे उपस्थित

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रामचंद्र जहांगीर ने स्वागत भाषण दिया। छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष वी.के. गोयल ने भी अपने विचार रखे। समारोह में हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश गौतम भादुड़ी, विश्वविद्यालय के प्रबंध मंडल और कार्य परिषद के सदस्य, प्राध्यापक, अभिभावक तथा विद्यार्थी मौजूद रहे।

 

 

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