महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों से पहले भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने महायुति गठबंधन के रूप में चुनाव लड़ने का अहम निर्णय लिया है। मुंबई, ठाणे और अन्य प्रमुख नगर निगमों में दोनों दल एक साथ चुनावी मैदान में उतरेंगे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की देर रात नागपुर में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में सीट बंटवारे, चुनावी रणनीति और गठबंधन को मजबूत बनाने पर विशेष चर्चा हुई। दोनों दलों ने सहमति जताई कि वे एक-दूसरे के नेताओं को नहीं तोड़ेंगे और न ही दल-बदल को बढ़ावा देंगे।
शिवसेना का जोर क्षेत्रों में पकड़ बनाए रखने पर है, जबकि भाजपा महापौर पदों और प्रमुख नगर निगमों में अपनी शक्ति बढ़ाना चाहती है। एकनाथ शिंदे ने विधायकों और मंत्रियों को निर्देश दिए कि कोई ऐसा बयान न दें जिससे गठबंधन में विवाद बढ़े और जिला परिषद एवं नगर निगम चुनावों में महायुति को मजबूती से मैदान में उतारा जाए।
पहले चरण के चुनावों में महायुति में दरारें देखने को मिली थीं। अब दोनों दलों ने औपचारिक तौर पर साथ लड़ने का निर्णय कर चुनौती यह है कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को एकजुट कैसे रखा जाए। इस गठबंधन से विपक्ष के लिए चुनावी चुनौती और बढ़ जाएगी।
