छत्तीसगढ़ का बालोद जिला एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने जा रहा है। देश का पहला नेशनल रोवर-रेंजर जंबूरी 9 जनवरी से ग्राम दुधली में आयोजित किया जाएगा, जिसकी सभी प्रशासनिक और व्यवस्थागत तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस आयोजन के लिए 146 एकड़ में फैला एक सुव्यवस्थित अस्थायी शहर तैयार किया गया है, जहां देश के कोने-कोने से आए हजारों रोवर और रेंजर सहभागी बनेंगे।
जंबूरी स्थल पर प्रतिभागियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दो हजार से अधिक टेंट, भोजन के लिए छह बड़े डोम, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 30 बिस्तरों वाला अस्थायी अस्पताल और चौबीसों घंटे पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। बच्चों का कहना है कि यहां का माहौल उन्हें अपने घर जैसा महसूस करा रहा है, जहां समय पर भोजन और बेहतर आवासीय व्यवस्था उपलब्ध है।
इस जंबूरी का मुख्य आकर्षण “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। लगभग 9 हजार बच्चे सुवा और डंडा नृत्य का सामूहिक अभ्यास कर रहे हैं, जिसकी भव्य प्रस्तुति मुख्य समारोह में देखने को मिलेगी। अलग-अलग राज्यों से आए बच्चों की भाषाएं, पहनावे और संस्कृतियां भले अलग हों, लेकिन मंच पर वे एकता का संदेश देंगे।
प्रशासनिक स्तर पर भी यह आयोजन पूरी तरह सुचारू रहे, इसके लिए आयुक्त, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक से लेकर अन्य विभागीय अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है, खासकर महिला एवं बालिकाओं के निवास स्थलों पर कड़े निर्देश लागू किए गए हैं।
नेशनल रोवर-रेंजर जंबूरी बालोद को राष्ट्रीय पहचान और गौरव दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
