अमेरिका एक बार फिर आंशिक सरकारी शटडाउन की स्थिति में पहुंच गया है। 31 जनवरी 2026 की तय समय-सीमा तक फंडिंग बिल पारित न होने के कारण कई सरकारी खर्चों पर रोक लग गई है। इस स्थिति के पीछे आव्रजन नीति और उससे जुड़ी एजेंसियों को लेकर जारी राजनीतिक टकराव को मुख्य कारण माना जा रहा है।
⌛ समय पर नहीं बन पाई बजट सहमति
पिछले साल नवंबर में लंबे शटडाउन से उबरने के बाद उम्मीद की जा रही थी कि बजट संकट दोबारा नहीं आएगा। लेकिन सांसद 30 जनवरी तक फंडिंग बिल पर सहमति नहीं बना सके, जिसके चलते 31 जनवरी से आंशिक बंदी लागू करनी पड़ी।
हालांकि, मौजूदा राजनीतिक माहौल को देखते हुए संकेत मिल रहे हैं कि यह शटडाउन सीमित अवधि का हो सकता है।
आव्रजन नीति बनी गतिरोध की जड़
इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त आव्रजन नीतियां हैं। डेमोक्रेट सांसदों का कहना है कि जब तक आव्रजन एजेंसियों के कामकाज में सुधार और जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक उन्हें फंडिंग देना सही नहीं होगा।
DHS और ICE क्यों आए निशाने पर
हाल की एक गंभीर घटना के बाद DHS और उसके अंतर्गत काम करने वाली ICE पर सवाल उठे हैं।
डेमोक्रेट्स इन एजेंसियों में कड़े सुधार, निगरानी तंत्र और पारदर्शिता लागू करने की मांग कर रहे हैं। इसी मांग के कारण पूर्ण फंडिंग पर सहमति नहीं बन पा रही है।
सीनेट का अस्थायी समाधान
सीनेट ने शुक्रवार को एक अंतरिम व्यय प्रस्ताव पारित किया, जिसके तहत डीएचएस को केवल दो सप्ताह की फंडिंग दी गई है। इसका उद्देश्य यह है कि इस दौरान सुधारों पर बातचीत आगे बढ़ सके और स्थायी समाधान निकाला जा सके।
अन्य सरकारी एजेंसियों को सितंबर तक सीमित बजट उपलब्ध कराया गया है।
🗳️ प्रतिनिधि सभा में अगला फैसला
अब यह प्रस्ताव प्रतिनिधि सभा के सामने जाएगा, जो फिलहाल अवकाश पर है। सदन के अध्यक्ष माइक जॉनसन ने संकेत दिए हैं कि सोमवार को इस पर मतदान हो सकता है। यदि बिल पास होता है, तो शटडाउन की स्थिति जल्द समाप्त हो सकती है।
⚠️ आंशिक शटडाउन का असर
यह पूर्ण सरकारी बंदी नहीं है, लेकिन इसके प्रभाव नजर आने लगे हैं:
कुछ सरकारी सेवाएं अस्थायी रूप से बंद
कई कर्मचारियों को अनिवार्य अवकाश
कुछ कर्मचारियों को बिना वेतन घर भेजे जाने की संभावना
सुरक्षा और आपात सेवाएं सीमित रूप से चालू
विशेषज्ञों का मानना है कि सीनेट और व्हाइट हाउस के बीच बनी हालिया सहमति के कारण यह शटडाउन लंबे समय तक नहीं चलेगा।

