प्रधानमंत्री Narendra Modi ने West Bengal के मतदाताओं को एक खुला पत्र लिखकर राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। अपने पत्र में उन्होंने ‘एबार भाजपा सरकार’ का नारा देते हुए मौजूदा राज्य सरकार पर कुशासन, तुष्टिकरण और महिलाओं की असुरक्षा जैसे गंभीर आरोप लगाए।
प्रधानमंत्री ने लिखा कि “सोनार बंगाल” का सपना देखने वाला हर नागरिक बेहतर भविष्य की उम्मीद रखता है। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव राज्य की दिशा और दशा तय करेंगे तथा मतदाताओं का निर्णय आने वाली पीढ़ियों पर असर डालेगा।
केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र
प्रधानमंत्री ने पिछले 11 वर्षों में जनकल्याण और समग्र विकास को प्राथमिकता देने का दावा किया। उन्होंने बताया कि—
Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana से करोड़ों लोग बैंकिंग प्रणाली से जुड़े।
Swachh Bharat Mission के तहत लाखों शौचालयों का निर्माण हुआ।
Pradhan Mantri Ujjwala Yojana से गरीब परिवारों को गैस कनेक्शन मिले।
Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi के माध्यम से किसानों को आर्थिक सहायता दी गई।
Ayushman Bharat से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हुआ।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के असहयोग के बावजूद केंद्र की योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाया गया।
घुसपैठ, हिंसा और बेरोजगारी पर चिंता
प्रधानमंत्री ने अवैध घुसपैठ और महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा को गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रोजगार के अवसरों की कमी के कारण युवाओं का पलायन बढ़ रहा है।
पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल की ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भूमि है, जिसे नई ऊर्जा और विकास की दिशा की आवश्यकता है।
बदलाव का संदेश
पत्र के अंत में प्रधानमंत्री ने मतदाताओं से विकास और सुशासन को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने दोहराया कि पश्चिम बंगाल भी देश के अन्य राज्यों की तरह प्रगति और समृद्धि का हकदार है।

