भारत की खोई हुई सांस्कृतिक धरोहरों की वापसी की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। अमेरिका ने भारत को 657 प्राचीन वस्तुएं लौटाई हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 1.4 करोड़ डॉलर आंकी गई है। इन धरोहरों में सबसे अहम छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur से चोरी हुई ‘अवलोकितेश्वर’ की बहुमूल्य कांस्य प्रतिमा है, जिसकी कीमत करीब 20 लाख डॉलर बताई जा रही है।
यह प्रतिमा महासमुंद जिले के ऐतिहासिक Sirpur क्षेत्र से प्राप्त हुई थी और बाद में Mahant Ghasidas Memorial Museum में संरक्षित रखी गई थी। लेकिन 1980 के दशक में यह प्रतिमा रहस्यमय तरीके से चोरी हो गई और तस्करी के जरिए विदेश पहुंच गई। वर्षों की जांच के बाद इसे न्यूयॉर्क में एक निजी संग्रह में पहचाना गया और 2025 में जब्त कर लिया गया।
इस कार्रवाई को Manhattan District Attorney’s Office की एंटीक्विटीज ट्रैफिकिंग यूनिट ने अंजाम दिया। जिला अटॉर्नी Alvin Bragg के अनुसार, यह अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता है। जांच में कुख्यात तस्कर Subhash Kapoor और उससे जुड़े गिरोहों की भूमिका सामने आई है।
वापस लाई गई वस्तुओं में मध्य प्रदेश से चोरी की गई गणेश प्रतिमा और लाखों डॉलर मूल्य की बुद्ध प्रतिमा भी शामिल हैं। इन सभी धरोहरों को न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास में आधिकारिक रूप से भारत को सौंपा गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह वापसी भारत की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर अवैध कला तस्करी के खिलाफ एक सख्त संदेश भी देती है। आने वाले समय में और भी चोरी हुई धरोहरों की वापसी की उम्मीद जताई जा रही है।

