करीब एक सप्ताह तक प्रतिबंध झेलने के बाद टेलीग्राम की वापसी ने भारतीय यूजर्स को बड़ी राहत दी है। सरकार द्वारा लगाया गया अस्थायी प्रतिबंध समाप्त होने के बाद प्लेटफॉर्म दोबारा गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध हो गया है। इससे लाखों उपयोगकर्ता फिर से अपनी सेवाओं का सामान्य रूप से इस्तेमाल कर पा रहे हैं।
प्रतिबंध लगाने की वजह क्या थी?
सरकार ने 16 जून को टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगाई थी। आरोप था कि प्लेटफॉर्म पर नीट परीक्षा से जुड़े फर्जी प्रश्नपत्र, भ्रामक सूचनाएं और धोखाधड़ी से संबंधित सामग्री का प्रसार हो रहा था। इसी को देखते हुए अधिकारियों ने कंपनी से जवाब मांगा और अस्थायी प्रतिबंध लागू किया गया।
टेलीग्राम की वापसी के बावजूद पूरी राहत नहीं
हालांकि प्लेटफॉर्म दोबारा शुरू हो गया है, लेकिन सरकार ने कुछ शर्तों को बरकरार रखा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक कुछ फीचर्स पर विशेष निगरानी जारी रहेगी। यही कारण है कि टेलीग्राम की वापसी के बाद भी कंपनी को कई नियमों का पालन करना होगा।
मैसेज एडिटिंग फीचर अभी भी बंद
टेलीग्राम के मैसेज एडिटिंग फीचर पर फिलहाल रोक जारी है। सरकार ने कंपनी को निर्देश दिया है कि 30 जून तक इस सुविधा को बंद रखा जाए। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद इस फीचर को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा। यह फैसला टेलीग्राम की वापसी के बाद भी सरकार की सतर्कता को दर्शाता है।
पावेल डुरोव ने जताई नाराजगी
प्रतिबंध के दौरान टेलीग्राम के सीईओ पावेल डुरोव ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि कुछ लोगों की गतिविधियों के कारण पूरे प्लेटफॉर्म को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। हालांकि अब टेलीग्राम की वापसी के साथ कंपनी ने भारतीय बाजार में अपनी सेवाओं को फिर से सामान्य कर दिया है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ सकती है जवाबदेही
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और सरकारों के बीच बढ़ती जवाबदेही की मांग को दर्शाता है। भविष्य में सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के लिए कंटेंट मॉडरेशन, फेक न्यूज नियंत्रण और डेटा सुरक्षा को लेकर और सख्त नियम बनाए जा सकते हैं।

