लखनऊ कोचिंग आग हादसा में 15 छात्रों की मौत, SIT जांच

CG DARSHAN
CG DARSHAN 3 Min Read
3 Min Read
Advertisement Carousel

राजधानी लखनऊ में एक भयावह घटना ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया। लखनऊ कोचिंग आग हादसा में 15 छात्र-छात्राओं की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा उन परिवारों के लिए गहरा आघात बनकर सामने आया है, जिन्होंने अपने बच्चों को शिक्षा और करियर के सपनों के साथ शहर भेजा था।

आग ने कैसे ली विकराल त्रासदी का रूप?

अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित तीन मंजिला भवन में अचानक आग लगने के बाद कुछ ही मिनटों में हालात बेकाबू हो गए। निचली मंजिल पर बने वेयरहाउस से उठी लपटों ने पूरी इमारत को घेर लिया। ऊपर मौजूद छात्र बाहर निकलने का सुरक्षित रास्ता नहीं खोज सके और कई लोग धुएं के बीच फंस गए।

लखनऊ कोचिंग आग हादसा में बचाव कार्य की चुनौती

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव दल ने घंटों तक राहत अभियान चलाया और कई घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। हालांकि आग और धुएं की तीव्रता के कारण कई छात्रों की जान नहीं बचाई जा सकी।

शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका

अधिकारियों का मानना है कि शॉर्ट सर्किट या एसी कंप्रेसर में तकनीकी खराबी आग लगने की वजह हो सकती है। जांच एजेंसियां हर पहलू की पड़ताल कर रही हैं। इस बीच लखनऊ कोचिंग आग हादसा ने भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों की स्थिति पर गंभीर बहस छेड़ दी है।

सरकार ने दिए त्वरित कार्रवाई के संकेत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना की जानकारी मिलते ही अपना कार्यक्रम रद्द कर लखनऊ का रुख किया। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ कोचिंग आग हादसा के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

पीड़ित परिवारों को मिलेगी सहायता

केंद्र और राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों तथा घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि इलाज में किसी भी प्रकार की कमी न रहने पाए और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए।

सुरक्षा व्यवस्था पर फिर खड़े हुए सवाल

विशेषज्ञों का कहना है कि कोचिंग सेंटर, हॉस्टल और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में नियमित सुरक्षा ऑडिट होना चाहिए। यदि अग्निशमन उपकरण और आपातकालीन निकास व्यवस्था प्रभावी होती, तो शायद नुकसान कम हो सकता था। लखनऊ कोचिंग आग हादसा ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है।

Share This Article
Leave a comment