देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय हो चुका है। Heavy Rain Alert के बीच दिल्ली-एनसीआर में पहली मानसूनी बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं मुंबई, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं।
कई इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और यातायात बाधित होने की खबरें सामने आई हैं। मौसम विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
मुख्य बातें
- दिल्ली-एनसीआर में पहली बारिश से तापमान में गिरावट।
- Heavy Rain Alert के तहत कई राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी।
- मुंबई में जलभराव से यातायात प्रभावित।
- उत्तराखंड और हिमाचल में भूस्खलन का खतरा बढ़ा।
- ओडिशा, मध्य भारत और दक्षिण गुजरात में भी भारी बारिश के आसार।
IMD ने किन इलाकों के लिए चेतावनी जारी की?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार अगले चार से पांच दिनों तक कोंकण, गोवा और दक्षिण गुजरात में अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। इसी वजह से इन क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।
Heavy Rain Alert के अनुसार ओडिशा और मध्य भारत के कई हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। साथ ही मानसून जल्द ही पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और गुजरात के अन्य क्षेत्रों तक पहुंचने की संभावना है।
मुंबई में जलभराव से थमी रफ्तार
मुंबई में लगातार बारिश के कारण कई सड़कों पर पानी भर गया। इससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को घंटों जाम का सामना करना पड़ा।
रेल और सड़क यातायात पर भी असर देखने को मिला। प्रशासन जलनिकासी और राहत कार्यों में जुटा है ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके।
पहाड़ी राज्यों में बढ़ा भूस्खलन का खतरा
Heavy Rain Alert के बीच उत्तराखंड के चमोली जिले के ज्योतिर्मठ क्षेत्र में भारी मलबा घरों तक पहुंच गया। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से चारधाम यात्रा प्रभावित हुई और कई वाहन रास्ते में फंस गए।
हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भी लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और सड़कें बंद होने की घटनाएं सामने आई हैं। स्थानीय प्रशासन लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है।
आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग का कहना है कि मानसून अगले कुछ दिनों में और सक्रिय होगा। उत्तर और पश्चिम भारत के कई राज्यों में बारिश का दायरा बढ़ने की संभावना है।
Heavy Rain Alert को देखते हुए लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखें और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।
सावधानी बरतना क्यों है जरूरी?
भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव, पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा रहता है। ऐसे में प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

