छत्तीसगढ़ विधानसभा के पावस सत्र के दौरान एक पेड़ मां के नाम 3.0 अभियान के तहत वृहद पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और सभी विधायकों ने पौधारोपण कर हरित भविष्य का संदेश दिया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण और मातृ सम्मान को विशेष महत्व दिया गया।
एक पेड़ मां के नाम 3.0 बना जनभागीदारी का अभियान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रुद्राक्ष का पौधा लगाकर अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है। यह मां के प्रति सम्मान, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और आने वाली पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि अपनी मां के नाम पर लगाया गया पौधा लोगों को उसके संरक्षण के लिए प्रेरित करता है।
कार्यक्रम में सभी जनप्रतिनिधियों ने अभियान के विशेष सेल्फी प्वाइंट पर तस्वीरें भी खिंचवाईं। साथ ही प्रदेशवासियों से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की गई।
पर्यावरण संरक्षण पर मुख्यमंत्री का विशेष संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और जैव विविधता का क्षरण पूरी दुनिया के लिए गंभीर चुनौती है। इसलिए वृक्षारोपण आज समय की आवश्यकता बन गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाना चाहिए और उसकी नियमित देखभाल भी करनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार वन संरक्षण, जल संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने के लिए लगातार अभियान चला रही है। इसलिए समाज की सक्रिय भागीदारी इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
एक नजर में
- मुख्यमंत्री ने लगाया रुद्राक्ष का पौधा।
- सभी विधायकों ने माताओं के नाम पर पौधे लगाए।
- पर्यावरण संरक्षण का लिया गया सामूहिक संकल्प।
- जनभागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष सेल्फी प्वाइंट बनाया गया।
एक पेड़ मां के नाम 3.0 से मिलेगा हरित छत्तीसगढ़ को बल
कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी प्रतिभागियों ने लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया। कुल मिलाकर एक पेड़ मां के नाम 3.0 अभियान ने विधानसभा परिसर से पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रभावी संदेश दिया।
मुख्य बातें
- विधानसभा परिसर में हुआ सामूहिक पौधारोपण।
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लगाया रुद्राक्ष का पौधा।
- सभी विधायकों ने माताओं के नाम पर पौधे रोपे।
- पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।
- प्रदेशवासियों से पौधों के संरक्षण की अपील की गई।

