रायपुर में अपराध लगातार बढ़ रहा है और पुलिस की सख्ती का कोई असर दिखाई नहीं दे रहा। कमल विहार क्षेत्र में हुई एक नई घटना ने नागरिकों व छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। आरोप है कि कुख्यात हिस्ट्रीशीटर पूजा सचदेवा ने अपने साथियों के साथ मिलकर छात्र-छात्राओं को फ्लैट में बंधक बनाकर मारपीट, लूट और यौन उत्पीड़न जैसी गंभीर वारदात को अंजाम दिया।
पूजा सचदेवा, जो खुद को पुलिस अधिकारी बताने का नाटक करती है, ने छात्रों को गलत गतिविधियों में शामिल होने का झूठा आरोप लगाकर उन्हें फ्लैट तक बुलाया। अंदर पहले से मौजूद तीन युवक भी इस वारदात में शामिल थे।
कैसे हुई वारदात? पूरा घटनाक्रम
कैसे हुई वारदात? पूरा घटनाक्रम
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युवती अपने बीमार भाई के लिए दवा और भोजन देकर लौट रही थी।
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उसी दौरान पूजा और निखिल सचदेवा ने रोककर पूछताछ शुरू की।
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खुद को ‘पुलिस अधिकारी’ बताते हुए उन्होंने छात्रों को फ्लैट तक ले जाने का आदेश दिया।
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कमरे में पहुंचते ही सभी को धमकाकर बंधक बनाया गया।
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चाकू की नोक पर छात्रों से मारपीट की गई और कैश व इलेक्ट्रॉनिक सामान लूट लिया।
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युवती से 7000 रुपये कैश और ATM से 9000 रुपये निकलवाए।
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छात्राओं पर शारीरिक हमला और छेड़छाड़ की गई।
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लैपटॉप, मोबाइल, मोपेड और कैश मिलाकर करीब 1.5 लाख रुपये की लूट हुई।
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शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी गई।
यह पूरी वारदात अपराधियों की हिम्मत और पुलिस की लापरवाही दोनों को उजागर करती है।
पूजा सचदेवा का आपराधिक इतिहास
पूजा सचदेवा का आपराधिक इतिहास
पूजा का नाम पहले से ही पुलिस की आदतन अपराधियों की सूची में शामिल है।
उसके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज हैं:
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मारपीट
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लूट
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धमकी
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छात्रावास में हमला
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बलवा
2005 में पहला मामला दर्ज हुआ था, लेकिन इसके बावजूद वह लगातार खुलेआम घूमती रही है और एक के बाद एक घटना अंजाम देती आ रही है।
पुलिस जांच पर सवाल
पुलिस जांच पर सवाल
मामले की शिकायत के बाद भी पुलिस ने सिर्फ मारपीट का मामला दर्ज किया है, जबकि आरोप कहीं अधिक गंभीर हैं।
स्थानीय लोग और पीड़ित सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतने गंभीर अपराधों के बाद भी आरोपी गिरफ्त से बाहर क्यों है?
फिलहाल, पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और जांच जारी है।

