राज्य सरकार ने पार्षद निधि के तहत नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के लिए पहली किस्त जारी कर स्थानीय विकास कार्यों को नई रफ्तार देने का निर्णय लिया है। कुल 73 करोड़ 38 लाख रुपये की राशि वार्ड स्तर पर विकास कार्यों के लिए उपलब्ध कराई गई है। इससे नागरिक सुविधाओं में सुधार और अधोसंरचना विकास को बढ़ावा मिलेगा।
अरुण साव ने दिए स्पष्ट निर्देश
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि पार्षद निधि का उपयोग जनता की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी नगरीय निकायों से कहा कि सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। इससे लोगों को सीधे लाभ मिलेगा।
सभी निकायों को मिली राशि
पार्षद निधि की पहली किस्त के तहत नगर निगमों को 21.84 करोड़ रुपये, नगर पालिकाओं को 24.34 करोड़ रुपये और नगर पंचायतों को 27.19 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। सरकार का मानना है कि इस राशि से स्थानीय स्तर की छोटी लेकिन महत्वपूर्ण समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकेगा।
शहरी विकास योजनाओं को मिलेगा सहयोग
सरकार द्वारा जारी पार्षद निधि शहरों की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे नागरिकों को बेहतर सड़कें, स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी।
आम नागरिकों तक पहुंचेगा योजनाओं का लाभ
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्षद निधि का उद्देश्य केवल राशि जारी करना नहीं बल्कि प्रत्येक वार्ड में विकास को गति देना है। यदि निधि का सही उपयोग किया गया तो शहरी क्षेत्रों में जीवन स्तर बेहतर होगा और स्थानीय समस्याओं का समाधान भी तेजी से होगा।

