Sothi Ashram में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संस्था के सेवा, स्वास्थ्य और पुनर्वास कार्यों का विस्तृत अवलोकन किया। उन्होंने आश्रम प्रमुख से चिकित्सा सुविधाओं और सामाजिक सेवा गतिविधियों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान जरूरतमंद लोगों की गरिमापूर्ण सेवा का प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने आश्रम के प्रयासों की खुलकर प्रशंसा की।
मानवता और सेवा का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आश्रम केवल उपचार का केंद्र नहीं है। यह मानवता, करुणा और समर्पण का जीवंत उदाहरण भी है। वर्षों से समाज के वंचित वर्गों की सेवा यहां निरंतर की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थान समाज में संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी को मजबूत करते हैं।
मंदिर में पूजा और एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी
मुख्यमंत्री ने आश्रम परिसर स्थित सिद्धि विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने Sothi Ashram के लिए उपलब्ध कराई गई नई एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि इससे मरीजों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की
मुख्यमंत्री ने संत गुरु घासीदास चिकित्सालय का निरीक्षण भी किया। उन्होंने ओपीडी, पैथोलॉजी लैब, एक्स-रे कक्ष, आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर का जायजा लिया। साथ ही मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की समीक्षा करते हुए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
कैंसर जांच और पुनर्वास सेवाओं पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने निःशुल्क कैंसर स्क्रीनिंग इनिशिएटिव वाहन का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और उपचार से गंभीर बीमारियों को नियंत्रित किया जा सकता है। Sothi Ashram में संचालित पुनर्वास और स्वास्थ्य सेवाओं को उन्होंने समाज के लिए उपयोगी पहल बताया।
गौसेवा और आश्रमवासियों से आत्मीय मुलाकात
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने गौशाला में गौपूजन कर हरा चारा अर्पित किया। उन्होंने आश्रमवासियों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उपहार भी भेंट किए। उन्होंने कहा कि सेवा भावना ही समाज को मजबूत बनाती है और ऐसे प्रयासों को निरंतर प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
अन्य जिलों के लिए प्रेरणा बना Sothi Ashram
मुख्यमंत्री ने कहा कि Sothi Ashram सेवा, स्वास्थ्य और पुनर्वास का उत्कृष्ट मॉडल बन चुका है। यहां की व्यवस्थाएं अन्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक मजबूत होंगी।

