125 दिन रोजगार से ग्रामीण विकास और आजीविका को मिलेगी नई रफ्तार

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कबीरधाम जिले के गंडईखुर्द से 125 दिन रोजगार योजना का राज्य स्तरीय शुभारंभ हुआ। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा कार्यक्रम में शामिल हुए। वहीं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान तिरुपति से वर्चुअली जुड़े।

उन्होंने कहा कि योजना से ग्रामीण परिवारों को नियमित काम मिलेगा। साथ ही गांवों का विकास भी तेज होगा।

एक नजर में

  • ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा।
  • मजदूरी बढ़कर 300 रुपये प्रतिदिन हुई।
  • योजना में 318 प्रकार के विकास कार्य शामिल हैं।
  • गंडईखुर्द में पहला विकास कार्य स्वीकृत हुआ।
  • जल संरक्षण और ग्रामीण अधोसंरचना पर जोर रहेगा।
  • गांवों की जरूरत के अनुसार कार्ययोजना बनेगी।

125 दिन रोजगार से बढ़ेगी ग्रामीण आय

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह योजना गांवों को आत्मनिर्भर बनाएगी। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर रोजगार भी बढ़ेगा.

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के लिए 3,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसलिए विकास कार्यों की गति तेज होगी।

विकास कार्यों की लंबी सूची तैयार

125 दिन रोजगार योजना में 318 प्रकार के कार्य शामिल किए गए हैं।

इनमें डबरी, चेकडैम और रिचार्ज पिट बनेंगे। वर्षा जल संचयन को भी बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीण सड़कें भी बनाई जाएंगी।

इसके अलावा सामुदायिक शेड, चौपाल और हाईमास्ट लाइट लगाई जाएंगी। कोल्ड स्टोरेज और कृषि प्रसंस्करण केंद्र भी विकसित होंगे।

मजदूरी बढ़ने से मिलेगा सीधा फायदा

अकुशल श्रमिकों की मजदूरी बढ़ा दी गई है। अब उन्हें 300 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे।

रोजगार अवधि भी बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। इससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

गंडईखुर्द बना पहला विकास केंद्र

गंडईखुर्द में शेड निर्माण प्रस्ताव को मंजूरी मिली। यह प्रदेश का पहला स्वीकृत विकास कार्य बना।

इसके बाद मानव श्रृंखला भी बनाई गई। लोगों को योजना की जानकारी दी गई। साथ ही “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधरोपण भी किया गया।

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